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बोर्ड परीक्षा: बेटियों को सहूलियत, सात केंद्र बढ़े

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ज्ञानपुर। जिले में होने वाली बोर्ड परीक्षा में बेटियों की सहूलियत को देखते हुए सात केंद्र बढ़ा दिए गए जबकि कई केंद्रो से छात्राओं का स्थान बदला गया। स्कूलों की ओर से आई आपत्ति, छात्राओं की सुरक्षा और मानक को ध्यान में रखते हुए परीक्षा समिति ने निर्णय लिया। सात नए केंद्र प्रस्तावित कर उच्चाधिकारियों को भेजा गया। हरी झंडी मिलने पर 76 के बजाए 83 केंद्रों पर परीक्षा होगी।
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फरवरी में होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिले के 180 स्कूलों की आधारभूत सूचनाएं ऑनलाइन बोर्ड को भेजी गई थीं। इनमें सीसीटीवी कैमरा, शौचालय, भवन, वायस रिकार्डर, पेयजल व्यवस्था, चहारदीवारी समेत अन्य जानकारियां दी गईं थीं। इस दौरान यह माना जा रहा था कि मानक पूरा करने वाले विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनेंगे। 15 दिन पूर्व बोर्ड की ओर से 76 परीक्षा केंद्र बना दिए गए। इसमें छह से सात राजकीय हाईस्कूलों को भी शामिल किया गया है, जबकि उनके पास चार से पांच कमरे ही बने हैं। बाउंड्रीवाल, शौचालय समेत पेयजल व्यवस्था भी राम भरोसे ही है। केंद्र बने स्कूलों का सत्यापन करने के लिए तीनों एसडीएम को लगाया गया है। एसडीएम की जांच में कोइरौना, अभोली और सुरियावां के कुछ स्कूल मानक पूरा नहीं करते मिले। परीक्षा केंद्र बनाए गए विद्यालयों में जरूरी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं मिलीं। औराई के एक स्कूल का परीक्षा केंद्र भदोही के ज्ञानदेवी बालिका इंटर कॉलेज में भेजा गया था। वहां जाने के लिए छात्राओं को हाइवे, ज्ञानपुर- भदोही मार्ग से गुजरना पड़ता। यही नहीं डीघ में रेलवे क्रासिंग और हाइवे को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से छात्राओं का केंद्र ईधर से उधर किया गया। करीब 15 से अधिक विद्यालयों की छात्राओं को सहूलियत दी गई। इसी तरह पांच राजकीय हाईस्कूल और कोइरौना के वित्तविहीन स्कूल को मानक पूरा न करने पर केंद्र की सूची से हटा दिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार चौरसिया ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और मानक को ध्यान में रखते हुए परीक्षा समिति की ओर से सात नए केंद्र प्रस्तावित हैं। उच्चाधिकारियों की संस्तुति मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
हर केंद्र के कक्ष पर रहेगी नजर
ज्ञानपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक चौरसिया ने कहा कि 2020 में होने वाली बोर्ड परीक्षा शासन की नजर में होगा। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी, वायस रिकार्डर और राउटर लगा रहेगा। इससे सभी केंद्र एनआईसी से जुड़े रहेंगे। सूबे के सभी जिले के एनआईसी लखनऊ के एक केंद्र से जुड़े रहेंगे। इससे शासन किसी भी केंद्र के किसी भी कक्ष का लोकेशन ले सकेगा।
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धर्मेन्द्र पाल/पंकज चौबे
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