ज्ञानपुर। गर्मी की लंबी छुट्टी के बाद मंगलवार को परिषदीय स्कूल खुल गए, लेकिन, पहले ही दिन जिले के ज्यादातर स्कूलों में मास्साब लापता रहे। बेसिक शिक्षा अधिकारी और बीईओ के निरीक्षण में अनुपस्थित आठ शिक्षक-शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया। खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञानपुर ने सबसे अधिक 12 विद्यालयों का निरीक्षण किया।
30 अप्रैल को नए शिक्षण सत्र के समापन के साथ ही परिषदीय विद्यालयों में गर्मी की छुट्टी घोषित हो गई थी। एक जुलाई को स्कूल खुलने थे, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर 25 जून को ही विद्यालय खोल कर व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा गया था। इसी क्रम में मंगलवार को सुबह सात बजे से ही विद्यालय खुलने लगे। मुख्यालय के आसपास के विद्यालय खुले और शिक्षकों की उपस्थिति भी ठीक ठाक रही, लेकिन सीमावर्ती स्कूलों में शिक्षक कम संख्या में पहुंचे। व्यवस्था को देखने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने प्राथमिक विद्यालय ज्ञानपुर द्वितीय, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय राम का पुरा, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय डभका, प्राथमिक विद्यालय रामापुर प्रथम, प्राथमिक विद्यालय चकवां को देखा। पूर्व माध्यमिक विद्यालय डभका में शिक्षक अश्वनी कुमार और ज्योति गौतम अनुपस्थित रहीं। औराई ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी ने आधा दर्जन स्कूलों का जायजा लिया। कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय मूलापुर में शिक्षक अरुण कुमार आर्य बरजी में मनोज कुमार मौर्य अनुपस्थित मिले। ज्ञानपुर खंड शिक्षा अधिकारी केडी पांडेय ने ज्ञानपुर ब्लॉक के करीब 12 विद्यालयों का निरीक्षण किया। इनमें प्राथमिक विद्यालय पूरे झम्मन में मनीषा पांडेय और सरोज कुमार वर्मा अनुपस्थित रहे। डीघ ब्लॉक में बीईओ ने कई स्कूलों का निरीक्षण किया। यहां प्राथमिक विद्यालय जंगीगंज में कीर्ति जायसवाल, मनोज कुमार अनुपस्थित रहे। सुरियावां और भदोही के खंड शिक्षा अधिकारियों ने करीब छह-छह विद्यालयों का निरीक्षण किया। दोनों ब्लॉकों में सभी स्कूल खुले मिले। विद्यालयों में शिक्षक और कर्मचारी साफ-सफाई करते दिखे।