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इस्लाम में सूद से धन कमाना हराम है : मौलाना माज़

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नगर के मर्यादपट्टी मदरसा मस्जिद में शुक्रवार की रात मौलाना माज़ मिस्बाही की इमामत में रमजान की विशेष नमाज-ए-तरावीह मुकम्मल हुई। देर रात खत्म तरावीह होने पर नमाजियों ने मौलाना का फूलों की माला पहना कर स्वागत किया। माैलाना माज ने कहा कि कुरआन-ए-करीम इंसानियत के मार्गदर्शन के लिए अल्लाह ने इस दुनिया में उतारा है। कहा कि आज सैकड़ों साल बाद भी कुरआन में बताई गई, बातें हम सब पर लागू होती हैं। कुरआन में हर जिंदगी बशर करने का तरीका बताया गया है। कुरआन में मां-बाप, भाई-बहन, रिश्तेदारों के अधिकार समझाए गए हैं। इस्लाम में सूद से धन कमाना हराम करार दिया गया है। मौलाना ने कहा कि कुरआन पढ़ने के साथ-साथ उसे समझना जरूरी है, ताकि मालुमात हो। मौलाना ने यह भी कहा कि तरावीह रमजान का चांद निकलने से लेकर ईद का चांद दिखने तक पढ़ना चाहिए। तरीवाह के बाद विशेष दुआ की गई। जिसमें रोगियों को स्वस्थ, बेरोजगारों को रोजगार देने तथा देश की तरक्की के लिए अल्लाह से दुआ मांगी गई। इस मौके पर खुर्शीद खां, शाहआलम गुड्डू, नूर सलाम खां, अशरफ खां, डॉ. अफरोज, डॉ. अजहर आसिफ, मजहर आसिफ, जमील अंसारी, नुरैन खां, फिरदौस आलम, मो. जकरिया खां, सरफराज जावेद, मोअज्जम अंसारी आदि लोग रहे।
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