ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार का शुक्रवार को समापन हो गया। विभिन्न महाविद्यालयों से आए विद्यानों ने ई-कचरा से होने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला।
प्रथम सत्र में बीएचयू भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता टीपी यादव ने कहा कि आज विश्व ई-कचरा से परेशान है। चीन निर्मित विद्युत सामान की बहुलता है। जिसे दूसरी बार प्रयोग में नहीं लाया जा सकता। इससे पानी, मिट्टी के साथ ही डीएनए, ह्दय, लीवर, दिमाग आदि प्रभावित होता है। इलेक्ट्रानिक सामान को बनाने में विभिन्न ठोस वस्तुओं का प्रयोग होता है। जिसके नैनो पार्ट्स वातावरण को नुकसान पहुंचाते है। इसी तरह बीएचयू के ही डॉ. अमरेश बहादुर, डॉ. एएल सरोज ने भी व्याख्यान दिया। सेंटल यूनिवर्सिटी आफ साउथ गया बिहार के डॉ. आरआर शाही ने लीथियम, मैगनीशियम, हाईड्रोजन स्टोरेज मैटेरियल पर प्रकाश डाला। डॉ. शुभ्रा श्रीवास्तव ने कहा कि मानव काफी चालाक प्राणी है। अपने निजी स्वार्थ के लिए वातावरण का दोहन किया। हमे चाहिए कि इको फ्रेंडली वातावरण का निर्माण करें। इस मौके पर विनय मिश्रा, संजय श्रीवास्तव, कंचन गौड़, प्रदीप नारायण डोंगरे, कल्पना अवस्थी, रविंद्र कुमार, डॉ. संजीव राठौर, सर्वेशानंद, प्रियंका श्रीवास्तव, किशोरी लाल पांडेय आदि रहे। अंत में रिसर्च स्कालर की ओर से नव प्रवर्तन एवं सतत विकास विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता हुई। इसमें बेहतर पोस्टर बनाने पर प्रथम स्थान अनिता कुमारी और श्रेया यादव को द्वितीय स्थान मिला।