ज्ञानपुर। जिले में पांच साल में करीब एक लाख वाहनों की संख्या बढ़ी है। इसमें 15 हजार के करीब ई-रिक्शा और ऑटो का पंजीकरण एआरटीओ में हुआ है। शहर की गलियों से लेकर गांव की चौमुहानी तक इनका कब्जा है।
औसतन हर साल जिले में पांच हजार नए ऑटो, ई-रिक्शा एजेंसी से निकलकर सड़कों पर फर्राटे भर रहे हैं। खासकर ई-रिक्शा इतने अधिक बढ़ गए हैं कि पटरियों व गलियों तक में इनका कब्जा है। इसके उलट जिले में एक भी स्थान पर ऑटो स्टैंड, पॉर्किंग नहीं है।
समय-समय पर यातायात विभाग चालान काटकर खानापूर्ति पूरा कर लेता है। बीते नंवबर महीने में यातायात माह में 15 हजार से अधिक वाहनों का चालान काटा गया था। यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती तो होती है, लेकिन बेतहाशा बढ़ रहे वाहनों के बीच सुविधाएं कम हुई हैं। साल 2021 जनवरी से 30 नवंबर 2025 तक बाइक, ई रिक्शा, ऑटो, कॉर सहित कुल 91700 वाहनों का पंजीयन एआरटीओ में हुआ है। पांच साल में सबसे ज्यादा 70 हजार बाइक का पंजीयन हुआ है। 15 हजार ई रिक्शा और ऑटो हैं।
शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक ई-रिक्शा व ऑटो की संख्या बढ़ी है। शाम को ज्ञानपुर, भदोही, चौरी, गोपीगंज, जंगीगंज, महराजगंज बाजार में सफर करना दूभर हो जाता है। यहां सड़कों पर ऑटो चालकों का कब्जा रहता है।
इस कारण आए दिन दुर्घटना होती है। ई-रिक्शा की संख्या तो बढ़ गई लेकिन इन वाहनों को खड़ा करने के लिए एक भी स्टैंड व पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो सकी है। ऐसे में ई-रिक्शा व ऑटो चालक भीड़ भाड़ वाले चौराहे, तिराहे व सड़कों पर बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े करके सवारी बैठाने व उतारने का काम करते हैं। इससे भी जाम लगता है।