सीएम योगी आ सकते हैं भदोही, हैलीपेड बनाने का काम शुरू
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एसआईटी टीम की जांच में प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण हाइलोजन लाइट के गर्म होकर आग पकड़ने से पाया गया है। हादसे में 64 लोग बुरी तरह से झुलसे हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। झुलसे लोगों में से 42 को वाराणसी, चार को प्रयागराज रेफर किया गया था।
बाकी बचे 18 लोगों का उपचार जिला अस्पातल में जारी है। रविवार देर रात हुए हादसे के बाद मौके पर एडीजी प्रभात कुमार, आयुक्त विंध्याचल याेगेश्वर राम, डीआइजी आरपी सिंह ने घटना स्थल का जायजा लिया। वहां तैनात पुलिस बल को निर्देश दिया कि स्थिति पर नजर बनाए रखें।
भदोही में दुर्गा पूजा पंडाल में लगी भीषण आग
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भदोही में हुआ हादसा भीषण त्रासदी में भी बदल सकता था, क्योंकि जिस समय ये घटना हुई वहां 150 से ज्यादा लोग मौजूद थे। मां दुर्गा की आरती चल रही थी और लोग जयकारे लगा रहे थे। हादसे से संबंधित एक वीडियो में नजर आ रहा है कि पंडाल में काफी भीड़ है। अचानक पंडाल के दाएं तरफ पर्दे में आग की लपटें दिखनी शुरू होती हैं।
वहां मौजूद लोगों का ध्यान इस तरफ जाता है और चीख-पुकार मच जाती है। देखते ही देखते पूरा पंडाल धू-धूकर जलने लगा। जिसे जिधर से रास्ता मिला भागने लगा। 10 मिनटों में ही पूरा पंडाल जलकर राख हो गया। आग लगने से लोगों में भगदड़ मच गई। लोगों को बाहर निकलने के प्रयास में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे झुलस गए। प्रशासन के मुताबिक, 64 लोग झुलसे। चश्मदीदों के मुताबिक, ये आंकड़ा ज्यादा हो सकता है।
कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र ने भदोही समेत मंडल के तीनों जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी पूजा पंडालों की विधिवत जांच कराएं। फायर शेफ्टी के साथ अन्य मानकों का पालन हो रहा है कि नहीं, जांच करायें। नियमों की अनदेखी करने वाले पंडालों को बंद कराएं। इसके बाद पूजा पंडालों की जांच शुरू कर दी गई है। पंडालों की जांच शुरू होते ही आयोजकों में खलबली मची है। लोग पंडालों से झालरें उतरवाने लगे हैं।