चौरी। वाराणसी-भदोही वाया सुल्तानपुर के लिए बनने वाले फोरलेन के निर्माण की कवायद शुरू हो गई है। भूमि अध्याप्ति विभाग की ओर से मुआवजे के लिए किसानों को नोटिस भेजी जा रही है, लेकिन इसमें कई पेंच होने से किसानों में किचकिच शुरू हो गई है। संयुक्त जमीनों को लेकर मुआवजे के कारण परिवार में विवाद उत्पन्न हो रहा है।
वाराणसी-भदोही वाया सुल्तानपुर के लिए स्वीकृति हाईवे की कुल दूरी 86 किमी है। जिसमें लगभग 50 किमी हाईवे का दायरा भदोही जिले में हैं। जिसमें भदोही तहसील के 51 गांवों के लगभग 500 किसानों को मुआवजा राशि दी जानी है। इसके लिए भूमि आध्याप्ति विभाग की ओर से मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भदोही-वाराणसी मार्ग के कंधिया फाटक से इंदिरा मिल चौराहे तक कई ऐसी जमीनें हैं। जिनमें परिवार के सभी सदस्यों का नाम आ रहा है। बंटवारे में जिन भाइयों को सड़क की तरफ आगे जमीन मिली है उन्हें कम जबकि पीछे वालों को जमीन अधिक मिली है ।
फोरलेन सड़क के निर्माण में कम जगह मिलने वाले भाइयों की ही जमीन जा रही है और मुआवजा भी इन्हें मिले तब तो ठीक है। अगर मुआवजा पीछे के हिस्से में ज्यादा जमीन लेने वालों को भी मिलेगा तो भाइयो में विवाद उत्पन्न होने की संभावना है। किसान राजबली, जमाल और राजेश हुसैन ने अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि बंटवारे के हिसाब से मुआवजा वितरित करने की मांग की है।