ज्ञानपुर। जनपद के सभी निकायों में करोड़ों रुपये की लागत से बना मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) चालू कर दिया गया है, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते सेंटर पर अभी कूड़ा कचरा से खाद बनाने की प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। सेंटरों पर सूखा व गिला कचरा एक ही में डंप किया जा रहा है। भदोही, गोपीगंज सेंटर पर तो कूड़ा कचरा से बाटल, लोहा, प्लास्टिक अलग कर लिया जाता है, लेकिन अन्य सेंटरों पर ऐसा नहीं है। निकायों से रोजाना करीब 55-60 टन कचरा निकलता है।
निकायों में बने एफआरएफ सेंटर पर बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की। जहां पर स्थितियां अलग रही, सेंटर चालू है, वहां पर गिला कचरा से खाद नहीं बनाया जा रहा है। जिले में भदोही, गोपीगंज दो नगर पालिका है, ज्ञानपुर, खमरियां, घोसिया, सुरियावां, नई बाजार पांच नगर पंचायत है। यहां कुल 128 वार्ड है, जहां करीब 3 लाख की आबादी निवास करती है। निकाय से हर दिन करीब 55-60 टन कूडा कचरा निकलता है। जिसका कलेक्शन डोर टू डोर किया जाता है।
शासन की सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के तहत शहरों में कूड़ा निस्तारण के लिए एफआरएफ सेंटर बनाया गया है। जहां गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग कर खाद बनाई जानी है, लेकिन यहां अभी गीले कूड़े से खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। जिसके कारण लाखों खर्च कर बनाए गए सेंटरों का उद्देश्य फिलहाल पूरा नहीं हो रहा है।