ज्ञानपुर। कम समय और मेहनत में ज्यादा पाने की चाहत लोगों को साइबर ठगों का शिकार बना रही है। बदलते समय के साथ साइबर ठग नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। जिससे दिनों दिन साइबर ठगी का मामला बढ़ता जा रहा है। इस साल अब तक 172 साइबर अपराध के मामले आए हैं। साइबर टीम का दावा है कि 90 मामलों का निस्तारण करा दिया गया है। ठग ऑनलाइन बैकिंग, नौकरी लगाने और शेयर मार्केट के नाम पर लोगों को खूब ठग रहे हैं। जिले में 70 फीसदी साइबर ठगी के मामले शेयर मार्केट के नाम पर हुए हैं। साइबर ठग लोगों को लालच देकर पैसा लगवाते हैं और जैसे ही व्यक्ति मोटा रकम लगाता है। साइबर ठगों का सारा संवाद समाप्त हो जाता है। ठगी का अहसास होने के बाद कुछ लोग तो तत्काल पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज करा देते हैं, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं, जो सामाजिक उपहास के डर से शिकायत नहीं करते हैं। बदलते दौर में मोबाइल के बढ़ते प्रयोग के कारण युवा से लेकर बुजुर्ग और अनपढ़ से लेकर पढ़े लिखे लोगों तक साइबर ठगों का शिकार हो जा रहे हैं। साइबर टीम के अनुसार इस साल 172 मामलों में 1.5 करोड़ की ठगी हुई है। साइबर टीम का दावा है कि 172 में 90 का निस्तारण करा दिया गया है। जिसमें 36,59635 रुपये वसूली की गई है। वहीं 33 मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं 49 मामलों में पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
एक नजर में माहवार आए केस
जनवरी - 29
फरवरी - 28
मार्च - 26
अप्रैल - 30
मई - 23
जून - 21
जुलाई - 15 (15 जुलाई तक)
केस 1 -
दो महीने पहले ऊंज निवासी आशुतोष सिंह को फर्म की एक फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर साइबर ठगों ने सात लाख की ठगी कर ली। साइबर क्राइम थाना में शिकायत की तो करीब एक महीने की जांच पड़ताल के बाद साइबर टीम ने उनका छह लाख रुपये वापस कराया।
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केस 2- गोपीगंज के प्रमोद दुबे को शेयर मार्केट में पैसा लगाने के नाम पर साइबर ठगों ने खाते से एक लाख 83 हजार रुपये उड़ा दिए। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। साइबर टीम ने इनके पूरा पैसा वापस करा दिया।
वर्जन
जिले में शेयर मार्केट में पैसा बढ़ाने के नाम पर साइबर ठगी के सबसे अधिक मामले आते हैं। इसके अलावा कुछ मामले बैकिंग फ्राड के भी होते हैं। इस साल 172 मामलों में 90 मामलों का निस्तारण किया है। सतर्कता ही हमें साइबर ठग से बचा सकती है। - बृजेश सिंह, साइबर थाना प्रभारी, भदोही।