लालानगर। कालीन नगरी के सबसे बड़ी आबादी वाली नगर पालिका परिषद के रूप में शुमार गोपीगंज के लोगों को बीते चार दिनों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है । आलम यह है कि लोगों को पीने के पानी के लिए काफी दूर से बाल्टी व अन्य पात्रों में पानी ढोकर लाना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर नगर पालिका परिषद में बैठे आला अधिकारी जो हर वक्त बेहतर विकास कार्य कराने का दावा करते हैं, आम जनता की समस्याओं का समाधान करने में बेबस नजर आ रहे हैं ।
गोपीगंज नगर पालिका परिषद के अधिकारियों की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चार दिन पूर्व खराब हुई नलकूप की मोटर को मंगलवार को बनाया गया। हालांकि इसके बाद भी गोपीगंज में पानी की किल्लत बदस्तूर जारी है।
दरअसल नगर के अंजही मोहाल में स्थित लस्सर पुलिया के पास मंगलवार को वाटर सप्लाई की पाईपलाईन बुरी तहर से फट गई जिसके चलते नगर के दर्जनों मोहल्लों में जलापूर्ति बाधित हो गई है । इस दौरान वाटर सप्लाई रुक जाने से इस इलाके में रहने वाले लोगों पेयजल की भारी किल्लतों का सामना करना पड़ा रहा है। इस मौके पर पेयजल की समस्या से जूझ रहें नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन पर मनमानी और पब्लिक की समस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया । क्षेत्रीय लोगों ने चेतावनी दी की यदि जल्दी ही ध्वस्त पाइप लाइन का नवीनीकरण कर पेयजल व्यवस्था को बहाल नहीं किया गया तो नगरवासी धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगें ।
इस संबंध में नगर के धर्मेंद्र द्विवेदी, राधेश्याम गुप्ता, पूर्व सभासद शीतला गुप्ता और मो. नसीर ने बताया कि नगरीय विकास के नाम पर बोर्ड की बैठकों में करोड़ों का प्रस्ताव पारित होता है। आरोप लगाया कि विकास कार्यों को ऐसे ठेकेदारों से पूरा कराया जाता है जो मानकों का उल्लंघन कर सस्ते उपकरणों को लगाते हैं जो बहुत जल्दी खराब हो जाते है या फिर फट जाते है जिसके चलते लोगों को तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने बताया कि शिकायत करने पर प्रशासन मात्र औपचारिकता पूरी करने में इतना समय व्यतीत कर देता है कि उसके पहले ही ठेकेदारों कार्य समाप्त हो जाता है और उनका भुगतान भी हो जाता है ।
इसके अलावा लोगों ने बताया कि नलकूपों की जिम्मेदारी संभालने वाले नगर पालिका परिषद के अधिकारी प्रतिदिन रखरखाव के नाम पर खानापूर्ति ही करते हैं जिससे नगर क्षेत्र में अक्सर मोटर जलने, केबिल ब्रस्ट होने, कम वोल्टेज से नलकूप न चलने, स्टार्टर और मेन स्विच के खराब होने का सिलसिला शुरू रहता है। यदि किसी तरह नलकूप ठीक भी होते हैं तो ध्वस्त हो चुकी पाइप लाइनों के कारण जलापूर्ति बाधित हो जाती है।
अधिशासी अधिकारी अमिता सिंह ने कहा कि पाइप लाइन ध्वस्त होने का मामला संज्ञान में आया है जल्द ही इसको बदलकर नगर में जलापूर्ति शुरु की जाएगी।