ऊंज। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-रामबाग रूट पर एक माह विलंब से नये ट्रैक पर ट्रेनों के दौड़ने की उम्मीद अब यात्रियों को फिर से दिखने लगी है। ज्ञानपुर-हंडिया सेक्शन में रेल विकास निगम ने तीन प्रमुख कार्यदाई संस्थाओं के माध्यम से अनुभवी तकनीशियनों की टीमें लगाकर दोहरीकरण को पूरा कराने में अपनी ताकत भी झोंक दी है।
इस क्रम में बुधवार को जंगीगंज स्टेशन के पश्चिमी छोर पर आधुनिक मशीनों की खटर-पटर तेज होने से आसपास के लोगों की नजर नये ट्रैक की ओर ही लगी रही। दो वर्ष पूर्व केंद्र सरकार की पहल पर रूट को अस्तित्व में लाने के लिए 756 करोड़ से विद्युतीकरण और दोहरीकरण के साथ स्टेशनों के नए भवन, प्लेटफार्म की लंबाई-चौड़ाई बढ़ाने और पैदल की सुविधा देने सहित अन्य कार्यों को गति दी गई।
इस दौरान विद्युतीकरण के बाद प्रथम चरण में मंडुआडीह से कछवां, दूसरे चरण में कछवां से माधोसिंह तक दोहरीकरण को पूरा कराकर संरक्षा आयुक्त मो. लतीफ खान ने ज्ञानपुर रोड स्टेशन तक ट्रेनों को चलाने की हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा अधूरे पड़े तीसरे चरण के कार्य को ज्ञानपुर रोड स्टेशन से हंडिया सेक्शन तक समय सीमा में पूरा कराने की हिदायत दी है। संरक्षा आयुक्त के दिशा-निर्देशों का पालन कराते हुए निगम ने जंगीगंज स्टेशन के पश्चिमी होम सिग्नल तक कंक्रीट स्लीपर, 60 केजी ट्रैक बिछाकर ब्लाग बडे़ आधुनिक मशीन से जड़ाई तक लक्ष्य हासिल कर लिया।
साइट इंजीनियर अब्दुल रहमान ने बताया कि मई तक दोहरीकरण कार्य पूरा करने का लक्ष्य मिला है जो पूरा भी हो जाएगा लेकिन एक माह विलंब से यानि जून तक नये ट्रैक पर ट्रेनों को दौड़ने की उम्मीद की जा रही है। कारण यह है कि स्टेशन ब्लाक सेक्शन में होने वाले कार्य के नक्शे में आंशिक बदलाव हुआ है जिसको पूरा करने में जीडीसीएल, केपीटीएल और एसआईएल के इंजीनियर लगे हैं। इस संबंध में पीआरओ वाराणसी अशोक कुमार ने कहा कि कार्यों को समय सीमा में हैंडओवर कराने में मंडलीय अधिकारी बराबर नजर रखना शुरू कर दिए हैं।