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खाता न मिलने से फंसी 1 लाख किसानों की क्षतिपूर्ति

Fri, 25 Nov 2016 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
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2015 की अतिवृष्टि-ओलावृष्टि की क्षतिपूूर्ति किसानों का एकाउंट नंबर नहीं मिलने के कारण फंसी हुई है। जिले की तीनों तहसीलों के लगभग एक लाख किसानों के लिए 15.40 करोड़ रुपये शासन से मिल गए हैं, जिन्हें आरटीजीएस के जरिए किसानों के खातों में भेजा जाना है। लेकिन ज्यादातर किसानों की खाता संख्या नहीं मिलने के कारण धनराशि उनके खाते में नहीं जा पा रही है। 
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वर्ष 2015 में जिले में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाकर किसानों की कमर तोड़ दी थी। इसके लिए अब क्षतिपूूर्ति की राशि जिला प्रशासन को प्राप्त हुई। इस बीच सरकारी मशीनरी ने चेक से भुगतान की व्यवस्था खत्म कर अब सीधे किसानों के खाते में क्षतिपूर्ति की धनराशि भेजने की नई व्यवस्था बनाई है। 
भ्रष्टाचार खत्म करने के उद्देश्य से बनाई गई इस नई व्यवस्था में शुरुआती दौर पर तकनीकी खामियों के चलते लगभग एक लाख किसानों की क्षतिपूर्ति की धनराशि उन्हें नहीं मिल पाई है। दरअसल प्रशासन को सभी किसानों का एकाउंट नहीं मिल पाया है। तमाम किसानों के पास खाते नहीं हैं तो बड़ी संख्या में खाते संचालित नहीं हो रहे। 
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जिले की ज्ञानपुर तहसील में 38 हजार किसानों के बीच लगभग छह करोड़ रुपये वितरित किए जाने हैं। इनमें जिला प्रशासन को अब तक केवल 5200 किसानों के खाते ही मिल पाए हैं। जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि इनमें से 2600 खातों में क्षतिपूर्ति की धनराशि के आरटीजीएस के जरिए भुगतान का आदेश दो-चार दिनों          में भेज दिया जाएगा। लेकिन, किसानों का खाता मिलने की गति बेहद धीमी है। 
इसी तरह भदोही तहसील में लगभग इतने ही किसानों को पांच करोड़ और औराई में 26 हजार किसानों को चार करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की जानी है। औराई तहसील में जिला प्रशासन को अब तक केवल 750 किसानों का खाता मिल सका है। जिलाधिकारी ने कहा कि खाता मिलने के साथ ही किसानों की क्षतिपूर्ति की धनराशि उसमें भेजी जाती रहेेगी। 
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की ओलावृष्टि और अतिवृष्टि में जिले के हजारों किसानों की भारी क्षति होने के बाद प्रशासन ने किसानों को क्षतिपूर्ति चेक के जरिए वितरित कराया था, लेकिन उसमें गड़बड़ी की शिकायतें भी आईं थीं। इसके बाद क्षतिपूर्ति की धनराशि को सीधे किसानों के खाते में भेजने का निर्णय लिया गया। 
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