सरपतहां स्थित सौ शैय्या अस्पताल में चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मन मुताबिक ड्यूटी कर रहे हैं। इसकी भनक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी नहीं है। चिकित्सक अपने मन से रोस्टरतय कर ड्यूटी कर रहे हैं। चिकित्सालय में अगर कोई चिकित्सक सोमवार को ड्यूटी करता है तो वह मंगलवार को वह अवकाश पर रहेगा। खास बात है कि चिकित्सकों की उपस्थिति पंजिका हर रोज अपडेट होती है। चिकित्सकों की निगरानी के लिए लगे सीसी कैमरे बंद कर दिए गए हैं। स्वास्थ्यकर्मियों की पोल एक मरीज ने मंगलवार को खोल दी। गडेरियापुर निवासी सुरेश ने
बताया कि सांस लेने में दिक्कत होती थी, सौ शैय्या अस्पताल में अच्छे चिकित्सक सुना था, अस्पताल में जब भी चिकित्सक को दिखाने जाते थे। अलग-अलग चिकित्सक ही मिलते थे। अब वहां दिखाना बंद कर दिया हूं, जिला चिकित्सालय में दवा ले रहा हूं। ज्ञानपुर निवासी महेश ने बताया कि वायरल बुखार की समस्या थी, पहली बार अस्पताल में दिखाने पर पांच दिन का दिवा मिला था, दूसरी बार दिखाने गए तो दूसरे डाॅक्टर ने देखा और पांच दिन की दवा दी।
मुख्यालय के पास स्थित सौ शैय्या अस्पताल हमेशा अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में रहता है। अस्पताल में चिकित्सक, सिस्टर सहित स्वास्थ्यकर्मी की संख्या बढ़ रही है, लेकिन व्यवस्थाएं सुदृढ़ होने का नाम नहीं ले रही, बल्कि दिन-प्रतिदिन व्यवस्थाएं बदहाल होती जा रही है। फरवरी 2022 से संचालित चिकित्सालय में चिकित्सकों की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हो रहा है। चिकित्सालय में चिकित्सकों ने मनमानी कर नया नियम बना लिया है। यहां चिकित्सक खुद से ही रोस्टर तय कर ड्यूटी निर्धारित कर लिए हैं, जबकि चिकित्सकों को हर दिन समय से ओपीडी में बैठने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सक ड्यूटी मनमानी कर मजा ले रहे हैं, जबकि चिकित्सालय की उपस्थिति पंजिका पूरी तरह से अपडेट है। गौर करने वाली बात है कि अस्पताल में सुरक्षा के साथ चिकित्सकों की निगरानी के लिए सीसी कैमरे लगाए गए हैं। इसकी मॉनीटरिंग लखनऊ से की जाती है, लेकिन मनमाने चिकित्सक व स्वासथ्यकर्मी उसे भी बंद कर कर कर दिए हैं। स्वासथ्यकर्मी अपने हिसाब से कैमरा को ऑन-आफ करते हैं और खराब नेटवर्क का हवाला देते हैं।
इनसेट:
एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा सेंटर:
फिजियोथेरेपी की ओपीडी एक चिकित्सक के भरोसे चल रही है। एक डॉक्टर ही महिला, पुरुष सबकी फिजियोथेरेपी करता है, जबकि अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में नर्स है। इसके बाद भी फिजियोथेरेपी कक्ष में किसी नर्स की ड्यूटी नहीं लगाई गई है।
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वर्जन:
चिकित्सक समय से ओपीडी में बैठे, मरीजों का जांच पड़ताल कर दवा उपलब्ध कराएं। यह चिकित्सक की प्राथमिकता है। कैमरा क्यों बंद किया जाता है। इसकी जांच कराई जाएगी। अनुपस्थित होने के बाद भी यदि कोई उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर कर रहा है तो गलत है। जांच कर संबंधित पर कार्रवाही की जाएगी। - डाॅ. सुनील कुमार पासवान, सीएमएस सौ शैय्या अस्पताल।