क्षेत्र के हरिओम पट्टी गांव में शुक्रवार को दांत के डाक्टर एक ने रहस्यमय परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि मौत के बाद उसके शरीर पर इन्वर्टर का तार लिपटा था और गले में फांसी का फंदा भी लगा था। मौत की वजह घरेलू कलह बताई जा रही है। हालांकि घरवालों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
हरिओम पट्टी गांव निवासी शोभित श्रीवास्तव की इकलौती संतान डॉ. आशीष एक साल पूर्व लखनऊ से बीडीएस की पढ़ाई कर घर आया था। वह भदोही नगर के एक निजी चिकित्सालय में प्रेक्टिस करता था। बताया जाता है कि वह शराब का लती हो गया था और प्रतिदिन शराब पीकर घर आता था। इसकी वजह से अक्सर मां-बाप से उसका झगड़ा होता था और वह मानसिक तनाव में रहता था। शुक्रवार को सुबह भी घरवालों के साथ उसने मारपीट और गाली गलौज की थी। इस मौके पर गांव के तमाम लोग मौके पर जुटे थे। इसके बाद दिन के 10 बजे के आसपास वह कमरे में मृत अवस्था में मिला। उसके शरीर पर इन्वर्टर का तार लिपटा था और गर्दन में फांसी का फंदा भी पड़ा था। उसे फौरी तौर पर भदोही के एक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है। कुछ लोग करंट से मौत तो कुछ लोग फांसी लगाकर आत्महत्या की बात कर रहे हैं। मोढ़ चौकी प्रभारी महेंद्र यादव ने कहा कि एक दिन पूर्व उसके पिता ने तहरीर दी थी। इस पर पुलिस ने उनके बेटे को समझाया था, लेकिन उसकी मौत की सूचना पुलिस को नहीं है।
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खेत बेचकर पढ़ाया था डाक्टरी
मोढ़। पिता शोभित लाल श्रीवास्तव ने अपनी सारी जमीन बेचकर लड़के आशीष को डाक्टरी पढ़ाया था। लेकिन, लड़के के शराब का लती हो जाने के कारण पिता के अरमानों पर पानी फिर गया। ग्रामीणों ने बताया कि डॉ. आशीष इन दिनों मानसिक रूप से परेशान दिखता था। गत बृहस्पतिवार को पिता ने चौकी में आए दिन लड़के के मारपीट करने की शिकायत की थी। इस पर पुलिस ने उसे घर जाकर समझाया था।