ज्ञानपुर। कोरोना काल में जहां वायरस के संक्रमण को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां और बचाव के टिप्स सोशल मीडिया पर लोगों को कन्फ्यूज कर रहे हैं, वहीं चिकित्सकीय हिदायतें काफी महत्वपूर्ण हो गईं हैं। अमर उजाला ने इस पर चिकित्सकों का परामर्श लिया तो कई उपयोगी बातें सामने आईं। गोपीगंज सीएचसी के प्रभारी डॉ. एसएस यादव के मुताबिक केवल मुंह, आंख और नाक को बार-बार न छुआ जाए तो कोरोना वायरस के संक्रमण से काफी हद तक बचा जा सकता है। क्योंकि ये तीनों अंग वायरस के पनपने के लिए सबसे मुफीद स्थान हैं।
उन्होंने कहा कि छह फीट की दूरी बनाए रखें। मास्क लगा लेना ही काफी नहीं है। उसके साथ कुछ बातों का ध्यान रखा जाना बेहद जरूरी है। पूरा प्रयास करें कि अपने शरीर को पूरी तरह से कपड़े से ढंकें। कपड़े पर तीन से चार घंटे तक वायरस के जिंदा रहने की बात मानी जाती है। हालांकि यह अभी पूरी तरह प्रमाणित नहीं हो पाया है कि कोविड-19 किस सतह पर कितनी देर तक रहता है, लेकिन तीन-चार घंटे कपड़े को घर परिवार से दूर रखा जाना चाहिए।
माना जाता है कि वायरस शरीर पर 12 घंटे तक जिंदा रह सकता है। धातुओं पर आठ से 10 घंटे तक वायरस के एक्टिव रहने की बात कही जाती है। जब तक कोरोना का असर है, कम से कम तब तक पान, गुटखा, तंबाकू आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये चीजें खाएंगे नहीं तो जगह-जगह थूकेंगे नहीं। थूकना ज्यादा खतरनाक है। क्योंकि धरातल पर और वहां से जूते-चप्पल पर आया वायरस दो से तीन दिनों तक जीवित रह सकता है। सब्जी ले आएं तो दो-तीन घंटे बाहर ही रखें और उसे ठीक से साफ करने के बाद ही इस्तेमाल करें। दूधिये से दूध लेते समय उसका बर्तन स्पर्श नहीं करना चाहिए।