ज्ञानपुर। कार्य में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने बुधवार को जिले के 18 अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया। माह के अंतिम दिन जिलाधिकारी ने नवंबर के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। वेतन रोके जाने वाले अधिकारियों में जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी, तीनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार और जिला आपूर्ति अधिकारी भी शामिल हैं। जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने पर डीएम की ओर से बुधवार को की गई कार्रवाई से लापरवाही बतरने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई की खबर मिलने के बाद सभी चेहरे लटके नजर आए।
शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों के तहत जन सामान्य से जुड़े प्रकरणों में आए प्रार्थना पत्रों का निस्तारण समय और गुणवत्तापूर्ण ढंग से करने की हिदायत के बाद भी आम जनता प्रार्थना पत्रों के निस्तारण को लेकर विभागों का चक्कर लगाती रहती है और सरकारी बाबुओं और मातहतों की झिड़की सुनती रहती है। जिलाधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने इस कार्यशैली का संज्ञान लिया और जिन अधिकारियों के टेबल पर जनसमस्याएं लंबित पड़ीं हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की। वेबसाइट पर लंबित मामले भी जिलाधिकारी के संज्ञान में आए थे। इस पर डीएम ने लापरवाही बरतने वाले अफसरों का वेतन निकासी पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि दायित्व का निर्वहन न करने पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डीके सोनकर, उपजिलाधिकारी ज्ञानपुर केशवनाथ गुप्ता, औराई प्रवरशील बरनवाल और भदोही रामजी लाल, तहसीलदार ज्ञानपुर शैलेंद्र चौधरी, औराई जगुबीर सिंह और भदोही हेमंत गुप्ता, जिलापूर्ति अधिकारी संजय कुमार पांडेय, अधिशासी अभियंता जल निगम रामअवध मौर्य, एक्सईएन बिजली अवधेश पासवान, जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका भदोही आशुतोष द्विवेदी, अधिशासी अधिकारी ज्ञानपुर रंग बहादुर, श्रम परिवर्तन अधिकारी एमएल पाल, आपूर्ति निरीक्षक औराई विजय प्रताप, अधिशासी अभियंता जल संस्थान भदोही, उपायुक्त मनरेगा आदि के वेतन पर रोक लगाई गई है।