ज्ञानपुर। गोपीगंज के गिराई विद्युत उपकेन्द्र के पास जलजमाव की समस्या को लेकर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने हाईवे प्राधिकरण के परियोजना निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बुधवार को जिलाधिकारी ने हाईवे प्राधिकरण, रखरखाव संस्था और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जलजमाव संबंधित समस्याओं की समीक्षा कर रहे थे।
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर गोपीगंज में गिराई पावर हाउस के सामने बीते चार सालों से उत्तरी-दक्षिणी सर्विसलेन का लगभग दो-दो किलोमीटर क्षेत्र बारिश सहित अगल-बगल से निकलने वाले गंदे पानी के कारण जलमग्न रहता है। भारी बारिश होने की स्थिति में गंदा पानी हाईवे के मुख्य लेन पर भी पहुंच जाता है। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि सर्विसलेन ही पूर्वी-पश्चिमी ओर से आवागमन का मुख्य संसाधन है, लेकिन प्राधिकरण की लापरवाही से सर्विसलेन का गंदा पानी नहीं निकल रहा है। आशंका जताई कि पानी लगने से पावर हाउस में पानी ओवरफ्लो होने से द्वितीय सर्किल की विद्युत वितरण व्यवस्था कब ठप होने के साथ अप्रिय घटना भी घट सकती है। इसको लेकर जिलाधिकारी के निर्देश के बाद जांच पड़ताल भी कराई गई थी। जिसके बाद मामले में हाईवे प्राधिकरण की जिम्मेदारी को देखते हुए डीएम ने परियोजना निदेशक हाईवे को नोटिस जारी कर एक समाप्त में समस्या का समाधान कराने की हिदायत दी। चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह में समस्या का समाधान न होने पर परियोजना निदेशक समेत रखरखाव संस्था कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। बैठक में एसडीएम सदर मान सिंह, नायब तहसीलदार नितिन कुमार, अधिशासी अभियंता जलनिगम मुजीब अहमद उपस्थित रहे।
ज्ञानपुर। बैठक में उपस्थित रहे हाईवे रखरखाव संस्था कर्मचारियों ने बताया कि जलजमाव के वैकल्पिक समाधान के लिए प्रतिदिन हजारों रुपये का डीजल फूंककर टैंकर से पानी निकाला जा रहा है। इसके बावजूद पानी कहां से आ रहा है। यह पता नहीं चल पा रहा है।