असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक पर्व दशहरा बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा।विजयदशमी के मौके पर बुराइयों के रावण का दहन कर जीवन में सत्कर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया जाएगा।
नवरात्र मेले में भक्तों का तांता लगा रहा । वैदिक मंत्रोच्चार, देवी गीत, रामलीला मंचन और मां के जयकारों से कोना-कोना देवी उपासना में लीन नजर आ रहा है। देवी मंदिरों पर सुबह-शाम आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, जबकि षष्टी के बाद से पूजा पंडालों में पूरे दिन मेलार्थियों का रेला लग रहा है।
बुधवार को शारदीय नवरात्र की अष्टमी मनाई गई। बृहस्पतिवार को दशहरा मनाया जाएगा। इस दिन तमाम स्थानों पर रावण वध का मंचन किया जाएगा। केएनपीजी की रामलीला में विशाल रावण के वध की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसी तरह श्रीरामलीला समिति चकजुड़ावन, गोपीगंज रामलीला सिमिति, रामलीला मंडल बाबा कबूतरनाथ, श्रीरामलीला समिति सुरियावां, श्रीरामलीला पूराकानून गोयान, जय बजरंग रामलीला समिति मतेथू, आदर्श रामलीला समिति सोनैचा और आदर्श रामलीला समिति कुरमैचा की रामलीलाओं में रावण वध का मंचन किया जाएगा। तमाम स्थानों पर दशहरा के मेले का भी आयोजन किया जाएगा। नवरात्र को लेकर पूजा पंडालों में बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान हवन-पूजन कर लोक कल्याण की कामना की गई। सुबह से लेकर शाम तक पंडालों में लोगों के आने-जाने और दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। सुबह-शाम आरती, हवन आदि किया जा रहा है। ज्ञानपुर नगर के हरिहरनाथ मंदिर परिसर में स्थापित पंडाल में दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। दूधनाथ मंदिर में भी पंडाल बनाया गया है। वहां शाम को हवन कराया गया। पंडालों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इसके अलावा पुरानी बाजार, नगर पंचायत गली समेत विभिन्न स्थानों पर पंडाल बनाए गए हैं। साथ ही भदोही नगर, गोपीगंज, जंगीगंज, सुभाषनगर, ऊंज, महाराजगंज, बाबूसराय, औराई, खमरिया, दुर्गागंज, घोसिया, मोढ़, सुरियावां आदि इलाकों के पूजा पंडालों में भी दर्शन-पूजन का सिलसिला दिनभर चलता रहा।