ज्ञानपुर नगर में दुर्गागंज त्रिमुहानी के पास गंदगी से जाम पड़ा नाला।
नालों में सिल्ट, मिट्टी और कचरा। पाइप लाइनें चोक। कच्ची सड़कों धूल और गर्द का अंबार। यही तस्वीर है नगर की जलनिकासी की नालियों की। मौसम के रुख को देखते हुए किसान जहां अच्छी बरसात के सपने बुन रहे हैं, वहीं नगरीय इलाके में हर बार जलालत झेलने वाले लोग बरसात का नाम सुनकर एक बार फिर सिहर उठे हैं। वजह, जलनिकासी की नालियां चोक हैं। जगह-जगह उनमें गंदगी और सिल्ट का अंबार लगा है। मुख्य नाला भी साफ-सुथरा नहीं हैं। ऐसे में एक बार फिर नगर का डूबना तय माना जा रहा है।
बरसात आने में भले ही अभी थोड़ी देर हो, लेकिन बरसात के समय होने वाली सामान्य समस्याओं के निपटने के लिए सरकारी मशीनरी के पास समुचित इंतजाम भी नहीं हैं। नगर पंचायत के स्वीपरों से गाहे-बगाहे नालियों की सफाई के अलावा निकाय प्रशासन ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है। नगर के मुख्य नाले के अलावा मोहल्लों से गुजरने वाली छोटी-बड़ी नालियां भी बुरी तरह चोक हैं। वे दोने-पत्तल और पुरवे आदि से पटी पड़ी हैं। दुर्गागंज त्रिमुहानी ज्ञानपुर नगर का मुख्य इलाका माना जाता है। यहां तकरीबन दो सौ मीटर के दायरे में हर वर्ष घुटने तक जलजमाव होता है। इसके अलावा पुरानी कलेक्ट्रेट, नथईपुर त्रिमुहानी, राजा पार्क आदि इलाकों में जलजमाव की समस्या लोगों की फजीहत बढ़ाती है। यही हाल कमोबेश जिले के तमाम प्रमुख नगरों में है।