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चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा जिला अस्पताल

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सरकार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लगातार चाक-चौबंद करने का दावा कर रही है। जबकि हकीकत इससे कहीं ज्यादा दूर है। चिकित्सकों की कमी के चलते सरकार के दावे जमीन पर हवा हवाई ही साबित होते दिख रहे हैं। आलम यह है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या पद के सापेक्ष नहीं है। महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल में विशेषज्ञों चिकित्सकों का 24 पद सृजित हैं। जबकि 19 विशेषज्ञों की तैनाती है। पांच विशेषज्ञों की जरूरत अभी भी है। कमोवेश यही हाल सीएचसी पीएचसी में भी है। दरअसल महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय विगत कई सालों से चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। हालांकि पिछले माह चार विशेषज्ञों की तैनाती की गई । लेकिन इसके बाद भी चेस्ट जिला चिकित्सालय में मौजूदा समय में फिजिशियन, नाक कान गला सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट, स्कीन विशेषज्ञ, पैथोलाजिस्ट विशेषज्ञों की जरूरत है। चेस्ट फिजिशियन के पद पर रहे डॉ. अतुल श्रीवास्तव का स्थानांतरण जौनपुर हो जाने से टीबी मरीजों को भटकना पड़ रहा है। चिकित्सालय में डॉक्टरों की कमी को लेकर कई बार चिकित्सालय प्रशासन की ओर से शासन स्तर पर मांग की जा चुकी है। लेकिन, बार-बार आश्वासन के बावजूद अब तक डॉक्टरों की कमी पूरी नहीं हो सकी है। सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अस्पताल में सारी सुविधाओं के बावजूद डॉक्टरों की कमी से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में समस्या आ रही है। वहीं कमी के चलते अन्य डॉक्टरों पर काम का दबाव बढ़ गया है। शासन स्तर पर रिपोट भेजा गया है। जल्द ही विशेषज्ञों की कमी पूरा किया जाएगा।
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