रविवार को सुबह शौच के लिए गए ग्रामीणों ने जंगीगंज रेलवे स्टेशन के पश्चिमी छोर स्थित किलोमीटर संख्या 274/24, 26 एवं 37 तक के दायरे में दर्जन भर से अधिक जर्जर कंक्रीट स्लीपर, एक दर्जन से ट्रैक छोड़कर अगल-बगल बिखरे क्लैंप मिले।
इसी से ट्रैक से थोड़ी देर पहले शिवगंगा एक्सप्रेस डाउन, चौरीचौरा अप, मालगाड़ी अप, टावर वैगन गुजर गई। ग्रामीणों की सूचना पर मामले की खबर डीआरएम वाराणसी वीके पंजियार के मोबाइल पर दी गई, हालांकि दोपहर तक वहां कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।
शाम चार बजे के आसपास रेलवे कर्मी पहुंचे और क्लैंप को सही किया, लेकिन जर्जर स्लीपर को लगाने के लिए ब्लॉक की जरूरत होगी। इसके लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी गई। डीआरएम वाराणसी वीके पंजियार ने कहा कि ग्रामीणों की सूचना पर जानकारी मिली। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया।
पूर्व की घटनाओं से सबक नहीं ले रहा रेलवे
देश के विभिन्न हिस्सों में आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के बाद रेलवे सबक नहीं ले रहा है। दुर्घटना होने के बाद तमाम प्रकार के सवाल उठते हैं। जंगीगंज स्टेशन के पश्चिमी छोर पर जिस तरीके से क्लैंप आदि टूटे थे, उससे यह स्पष्ट होता है कि विभागीय कर्मचारी ट्रैक का जायजा ही नहीं लेते। इस तरह की लापरवाही से कभी भी ट्रेनों के बेपटरी हो जाने से इंकार नहीं किया जा सकता।