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Bhadohi News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 41031 मामलों का निस्तारण प्रशासनिक व राजस्व से जुड़े मामले आए अधिक

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ज्ञानपुर। जिला न्यायालय परिसर सरपतहां में रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन संपन्न हुआ। लोक अदालत का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला जज बिजेंद्र कुमार शैलत ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। जिला जज ने कहा कि लोक अदालत में लोगों को त्वरित न्याय मिलता है। इसमें किसी प्रकार न हार होती है और न ही जीत। उन्होंने आमजन के मामलों को त्वरित निस्तारण किए जाने का निर्देश दिया। लोक अदालत में कुल 50944 मामले आए। जिसमें 41031 मामलों का निस्तारण हुआ। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने 1319238 रुपये से अर्थ दंड वसूला।
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लोक अदालत में सबसे अधिक मामले प्रशासनिक व राजस्व से जुड़े 27556 और बैंक से जुड़े 491 मामले सामने आए। इस दौरान सक्सेसन मामलों में 55 लाख 55 हजार 879 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। वहीं बैंक प्री लिटिगेशन में तीन अरब, 67 करोड़ 13 लाख रुपये वसूले गए। इसी तरह प्रशासनिक/राजस्व के कुल 27556 मामलों का निस्तारण कर 4 लाख 65 हजार 949 रुपये अर्थ दंड वसूला गया। इस दौरान असद लोक अदालत का नोडल अपर जिला जल द्वितीय अहमद हाशमी को बनाया गया। वहीं पीठ अध्यक्ष अपर जिला जल एफटीसी सुबोध सिंह व सदस्य सिविल जज सीनियर डिवीजन को सदस्य नियुक्त किया। लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कुलदीपक कुमार द्वितीय, मोटर दुर्घटना दावा अभिकरण के पीठाशीन अधिकारी शैलेश कुमार तिवारी, स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष पवन कुमार तिवारी, अपर जिला जज प्रथम शैलोज चंद्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सबीहा खातून आदि रहीं।
सिविल जज सीनियर डिवीजन साधना गिरी, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरकिरन कौर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम तरुणिमा पांडेय, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय मो.शहनवाज अहमद सिद्दीकी, सिविल जज जू.डि. वर्णिका शुक्ला, अपर सिविल जज जू. डि. अविनाश रंजन, अपर सिविल जज जू. डि. द्वितीय मेघा चौधरी, अपर सिविल जज जू. डि. तृतीय कमलेश कुमारी, सिविल जज जू. डि. विजय चौधरी ने लोगों की समस्याओं का निपटारा किया।
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केसीसी ऋण धारक श्यामबिहारी पांडेय ने 2014 में केसीसी लोन लिया था। इनका लोन एक लाख 57 हजार रुपये था। तीन किस्तों में 80 हजार रुपये जमा कर बढ़ रहे ब्याज से छुटकारा पाया।
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-डेरी ऋण धारक कुशल तिवारी ने 2015 में लोन लिया था। लोक अदालत से इन्हें बैंक जाकर कागज दुरूत कराए जाने का निर्देश दिया गया।
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