ज्ञानपुर। पितृ विसर्जन पर रविवार को लोग पितरों का श्राद्ध एवं तर्पण करेंगे। गंगा घाटों पर गंदगी के बीच तर्पण करने में लोगों को दिक्कत होगी। बाढ़ एवं जलस्तर बढ़ने से रामपुर, बेरासपुर, भोगांव, कठारी संग दर्जन भर घाटों पर कीचड़ और मलबे की गंदगी फैली हुई है। ग्राम पंचायत, नगर पालिका से लेकर प्रशासन की ओर से सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
पूर्वजों की याद में करीब एक पखवाडे़ तक चलने वाला पितृपक्ष तर्पण के साथ ही रविवार को समाप्त हो जाएगा। तर्पण को लेकर शनिवार को बाजारों में काला तिल, रोरी, घी, रक्षा सहित अन्य श्राद्ध सामग्री की खरीदारी की गई। जिसको लेकर दुकानों पर भीड़ रही। अबकी बार बारिश के सीजन के अंत में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर गंदगी और कीचड़ का मलबा जमा हुआ है। जिसे साफ करने के लिए भी कोई पहल नहीं हो सकी है। प्राचीन रामपुर गंगा घाट पर पित्र विसर्जन के पूर्व कोई तैयारी नहीं की गई। घाट पर जहां-तहां कूड़ा फैला हुआ है। घाट के अगल-बगल दलदल और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ऐसे में आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यही हाल सीतामढ़ी, बेरासपुर, भोगांव, बिहरोजपुर सहित अन्य गंगा घाटों की भी है।
ज्ञानपुर। डुहिया भावसिंहपुर के आचार्य पं. दीनानाथ शुक्ल ने कहा कि पितरों का तर्पण दोपहर के समय अच्छा रहेगा। पितरों की संतुष्टि के लिए ब्राह्मणों को भोजन कराकर यथोचित दान करना चाहिए। इससे परिवार में सुख-शांति संग वंश वृद्धि होती है।