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15 करोड़ से गांव के विकास को लगेंगे पंख

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ज्ञानपुर। जिले में 15 करोड़ से गांव के विकास को पंख लगेंगे। करीब छह माह बाद ग्राम पंचायतों को 15वें और राज्य वित्त से 15 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। जिसे आबादी के हिसाब से पंचायतों के खाते में तीन से सात लाख रुपये भेजा गया। उक्त बजट से गांव में नाली, खड़ंजा सहित अन्य विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी।
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गांव का विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल होता है। साल 2021 में चुनाव के बाद दो बार ग्राम पंचायतों को बजट स्वीकृत हुआ था। उसके बाद करीब छह महीने से गांव में पैसा न होने से पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय और मनरेगा को छोड़कर अन्य प्रस्तावित कार्य रुके हुए थे। जिले में 546 ग्राम पंचायतों में लटके कार्यों को पूर्ण कराने के लिए अगस्त के अंतिम सप्ताह में 15वें वित्त के अनटाइड फंड से 12 करोड़ जबकि राज्य वित्त से सवा तीन करोड़ रुपये भेजा गया। प्रस्तावित कार्यों को पूर्ण कराने के लिए पंचायत के खाते में रकम भेज दी गई। जिससे नाली, खड़ंजा सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण करने में मदद मिलेगी। पंचायत राज विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो आबादी के हिसाब से तीन, सात और 10 लाख रुपये भेजा गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी राकेश कुमार यादव ने बताया कि पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय का बजट अलग से रहता है। मनरेगा से होने वाले कार्य पूर्व की तरह चल रहे हैं। कुछ कार्य प्रस्तावित थे जिनको दूसरे मदों से कराया जाना है। 15 करोड़ के नए बजट से अधूरे कार्यों को पूर्ण कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी सचिव और ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया कि नए फंड से वह अधूरे कार्यों को समय से पूर्ण कराएं।
ज्ञानपुर। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष यशवंत सिंह यादव ने कहा कि ग्राम पंचायत के बजट में पहले ही 40 फीसदी तक कटौती की जा चुकी है। 546 ग्राम पंचायतों के लिए 15 करोड़ की राशि ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। एक-एक गांव को तीन से चार लाख मिलेंगे। उससे कोई भी बड़ा कार्य नहीं हो सकेगा। बजट में कटौती खत्म करने के लिए संगठन संघर्ष कर रहा है।
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