सीतामढ़ी। धनतुलसी डेंगुरपुर गंगा घाट पर पक्का पुल बनवाने के लिए कोनिया क्षेत्र के ग्रामीणों ने शुक्रवार को धनतुलसी में सांकेतिक धरना दिया। ग्रामीणों ने सुबह 10 से शाम 3 बजे तक धरना दिया। जिसमें कोनिया मांगे पक्का पुल, पुल नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाता रहा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार सुनील कुमार को ज्ञापन देकर धरना का समापन किया।
लोगों का कहना है कि पूरा क्षेत्र तीन ओर गंगा नदी से घिरा हुआ है। गंगा में बाढ़ आने पर लोगों की समस्याएं बढ़ जाती हैं। 1978 के गंगा बाढ़ की विभीषिका में पूरी कोनिया तबाह हो गयी थी। लोग बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिर गए थे, निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं था। उसके बाद से ही धनतुलसी डेंगुरपुर गंगा घाट पर पक्का पुल निर्माण के लिए निरंतर मांग होती आ रही है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि पक्का पुल बनाने की स्वीकृति मिल जाए। इसका जनपद सहित अन्य जनपदों को भी होगा। धरने में क्षेत्र के कई गांव के ग्राम प्रधान सहित सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासियों ने आवाज बुलंद किया।
सीतामढ़ी। ग्रामीणों का कहना है कि जब चुनाव आता है तो विभिन्न पार्टी के नेता पक्का पुल बनवाने की घोषणा करते हैं, लेकिन वही नेता जब चुनाव जीत कर सदन में पहुंचते हैं, तो अपना वादा भूल जाते है। बीते एक दशक से पक्के पुल की मांग की जा रही है। वर्तमान सरकार के कई नेताओं ने पक्का पुल बनवाने की घोषणा की लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। इस मौके पर पवन तिवारी, मंटू पांडेय, यजुवेंद्र सिंह, यसवंत यादव, रविंद्र मिश्रा, विनोद तिवारी, राज निषाद, नितेश सिंह गंगा धर यादव, हृदय शंकर दुबे, नीलेश दुबे महावीर तिवारी, विनय पांंडेय आदि सहित अन्य साबित रहे।