जमुनीपुर अठगवां गांव में लगा मेले में झूला। संवाद
मोढ़। क्षेत्र के जमुनीपुर अठगवां गांव स्थित मेला की बारी हनुमान मंदिर पर पांच दिवसीय धनुष यज्ञ मेला शुरू हो गया है। सोमवार को मेले के तीसरे दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मुख्य मेला मंगलवार और बुधवार को है। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानों संग झूले आदि भी लग चुके हैं। यह मेला सौ साल पुराना है। यहां गोधना की मिठाइयां सबसे अधिक मशहूर है। महरभा गांवको ग्रामीणों ने अयोध्या की संज्ञा दी है। वहा भगवान श्रीराम का जन्म 21 नवंबर को हुआ था। 22 से सराई जलाने की प्राचीन परंपरा के साथ मेला की शुरुआत होती है। जिसे लोग जनकपुरी के नाम से जानते हैं। 23 को बारी फुलवारी का मंचन हुआ। 24 को धनुष यज्ञ, 25 को श्रीराम और माता सीता का विवाह, 26 को भगवान श्रीराम खिचड़ी खा कर अयोध्या रुपी महरभा गांव चले जाते हैं। मुंबई, दिल्ली और राजस्थान रहने वाले परदेशी छूट्टी लेकर मेला का आनंद लेने अपने गांव आते हैं। मेला की बारी प्रांगण में मां दुर्गा, हनुमान और राम जानकी सहित शिवजी का मंदिर हैं। श्रद्धालु यहां मन्नतें मानते हैं।