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गजब : 13 विद्यार्थियों पर छह शिक्षक, पांच साल से सीटें खाली

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ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इस बार पीजी के दो और यूजी के एक पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या दहाई तक भी नहीं पहुंच पाई। मनोविज्ञान में आठ, दर्शनशास्त्र में पांच और यूजी के संगीत कोर्स में महज छह विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। मनोविज्ञान और दर्शन शास्त्र में 13 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए छह प्रवक्ता हैं। बीते पांच साल से इन विषयों की सीटें भी नहीं भर पा रही है। केएनपीजी कॉलेज में परास्नातक के कला संकाय में 13, विज्ञान संकाय में पांच और कॉमर्स समेत कुल 19 विषयों में पढ़ाई होती है। यहां कुल 900 सीटें हैं। छह से सात विषयों में 30-30 तो 13 विषयों में 60 सीटें निर्धारित हैं। पीजी की कक्षाओं में प्रवेश हो चुका है। शैक्षणिक सत्र में महाविद्यालय में राजनीतिक शास्त्र, इतिहास, हिंदी विषय में सबसे अधिक दाखिले हुए हैं। इन विषयों में 60-60 सीटें भर गई हैं। वाणिज्य संकाय और एमकाम में भी विद्यार्थियों ने खूब प्रवेश लिया। स्नातक में संगीत विषय में मात्र छह विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इसी तरह दर्शनशास्त्र की 60 सीटों में मात्र पांच जबकि मनोविज्ञान की 30 सीटों में आठ विद्यार्थियों ने एडमिशन कराया है। दर्शन में जहां विभागाध्यक्ष समेत चार एसोसिएट प्रोफेसर हैं। मनोविज्ञान में दो हैं। संगीत में कोई प्रवक्ता नहीं है। मनोविज्ञान और दर्शनशास्त्र में तो पांच साल से सीटें भी नहीं भर पाईं। मनोविज्ञान में साल 2025 में आठ, 2024 में आठ, 2023 में 10, 2022 में 13 और 2021 में 18 सीटें भर सकीं। इसी तरह दर्शनशास्त्र में भी सीटें 20 से अधिक नहीं पूरी हो सकीं।
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