सीतामढ़ी। दिसंबर भी बीतने को है। अभी तक धनतुलसी डेंगुरपुर पीपा पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। निर्माण में देरी को लेकर कोनिया क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है।
कोनिया के गांवों से गंगा पार प्रयागराज के मांडा रेलवे स्टेशन की दूरी महज पांच से दस किलोमीटर है, लेकिन पीपा पुल न बनने से यह दूरी सौ किलोमीटर से अधिक हो जाती है। लगन के सीजन में पीपा पुल से गंगा आर पार की शादियों में लोगों का समय के साथ धन की बचत भी होती है, लेकिन लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते पीपा पुल का निर्माण समय से नहीं हो सका है। धनतुलसी-डेंगूरपुर पीपा पुल के सभी पीपों को जोड़ दिया गया है। मिट्टी और चकरप्लेट डालने का काम शुरू है। दोनों ओर का रास्ता बेहद खराब है। जिसे बनाने में समय लग सकता है। धनतुलसी-डेंगुरपुर पीपा पुल का निर्माण अधर में होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पीपा पुल का निर्माण करा रहे पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार विमल पांडेय का कहना है कि सभी पीपा जोड़ दिया गया है। मिट्टी और चकरप्लेट बिछाया जा रहा है। दोनों ओर रास्ता भी बनाने का काम चल रहा है। दावा किया कि पीपा पुल पर शनिवार सुबह से दो पहिया और चार पहिया वाहन चलने लगेंगे।
हुंकार यात्रा निकालने की बनी रणनीति
सीतामढ़ी। कोनिया मांगे पक्का पुल की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए कोनिया के लोग मवैया थान सिंह इटहरा में एक बैठक की। जिसमें 31 दिसंबर को होने वाली हुंकार यात्रा को लेकर रणनीति तैयार की। कोनिया वासियो का कहना है कि इस बार 2024 लोकसभा चुनाव में यंहा की जनता झूठी दिलासा नहीं सुनना चाहती, इस बार जनता मतदान का बहिष्कार करेगी। बैठक में निर्णय लिया कि 31 दिसंबर को सुबह 11 बजे धनतुलसी से सीतामढ़ी तक युवा बुजुर्ग माताएं बहनें सड़क पर उतर कर सम्पूर्ण रूप से वोट बहिष्कार करेंगे। बैठक में पवन तिवारी, नितेश सिंह, पप्पू विश्वकर्मा, मंटू पाण्डेय, गुड्डू नेता, मनोज मिश्रा, जितेंद्र पांडेय, सुद्धु पांडेय, लालधर हरिजन, टैटू सिंह, पिंटू दुबे आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे