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धनतुलसी- डेंगुरपुर पीपा पुल जर्जर, चलना कठिन

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जर्जर हालत में धनतुलसी- डेंगुरपुर पीपा पुल। संवाद - फोटो : BHADOHI
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सीतामढ़ी। धनतुलसी- डेंगुरपुर पीपा पुल की स्थिति जर्जर होने से पुल पर आवागमन कठिन हो गया है। जिले का कोनिया क्षेत्र प्रयागराज के मांडा रेलवे स्टेशन से सीधे जोड़ने वाले पुल के जर्जर होने से लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। शिकायत के बाद भी लोक निर्माण विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की गई। क्षेत्र के लोगों की मानें तो गंगा के पश्चिमी छोर पर स्थित धनतुलसी-डेंगुरपुर पीपा पुल काफी पुराना है। प्रयागराज के मांडा और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले पुल के उपकरण जर्जर हो चुके हैं। पीपा पुल की हालत पर गौर करें तो स्थिति बेहद डरावनी है। मजबूत लकड़ी के स्लीपर की जगह पर सड़े गले और जर्जर स्लीपर के साथ यूकेलिप्टस की बल्ली लगा दी गई है। गाडर और स्लीपर को ठीक ढंग से नट बोल्ट से कसा तक नहीं गया है। पुल के स्लीपर तितर-बितर हो कर बेतरतीब हो चुके हैं। इससे पीपा पुल पर यात्रा करने में डर लगता है। नियमानुसार पीपा पुल के दोनों ओर कच्चे रास्ते पर चकर प्लेट बिछाई जानी चाहिए लेकिन यहां स्थिति ठीक नहीं है। पूर्व के वर्षों में सैकड़ों की संख्या में चकर प्लेट बिछाई जाती थी लेकिन इस वर्ष चकर प्लेट नहीं लगाई गई। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि धनतुलसी की ओर थोड़ी दूर गिनती के कुछ चकर प्लेट बिछा कर खानापूर्ति कर दी गई है लेकिन गंगा पार डेंगुरपुर घाट की ओर तो एक भी चकर प्लेट नहीं है। कच्चे रास्ते मे गड्ढा और धूल मिट्टी भरी है जिसमें दो पहिया वाहन सवार फंस कर दुर्घटना के शिकार हो जाते है। विधान चंद्र दूबे, सुरेश मिश्रा, शिवचंद शुक्ला, आदर्श पांडेय ने पीपा पुल की जर्जर दशा की जांच की मांग जिलाधिकारी से की है। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण एसबी राव ने कहा कि बजट की कमी से स्लीपर आदि की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट स्वीकृत होने पर सभी कमियों को पूर्ण किया जाएगा।
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