चकपड़ौना के समीप हाइवे पर खड़े ट्रक और कंटेनर। संवाद
इस साल आठ महीने में 159 दुर्घटनाओं में हादसे हाईवे पर हुए। इसमें भी 45 से अधिक दुर्घटनाएं हाईवे पर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण हुआ है। 80 लोगों की माैत हुई।
हाईवे की दोनों सीमा पर होल्डिंग एरिया होने के बावजूद हाईवे पर पेट्रोल पंप, धर्मकांटा व ढ़ाबा के सामने वाहन खड़े हो रहे हैं।
एनएचएआई के गाइडलाइन के अनुसार हाईवे किनारे होटल व ढाबों के पास पर्याप्त पार्किंग होनी चाहिए, लेकिन दोनों पटरियों पर 35 होटल व ढाबे हैं। चार ढाबे पर पार्किंग है।
वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर ऊंज से लेकर बाबूसराय तक 45 किमी का दायरा जिले में आता है। कई स्थानों पर कंटेनर और ट्रक चालक अवैध पार्किंग बना लिए हैं जिससे लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही है।
159 में से 100 से अधिक दुर्घटनाएं हाईवे पर हुईं। इस साल अगस्त तक हादसों में 103 लोगों की जान चली गई।
इसमें 80 से अधिक मौत हाईवे पर हुई। सोमवार को हमारी टीम ने बाबूसराय के कटका गोदाम, गोपीगंज के चकपड़ौना, डीघ के वहिदानगर, औराई के लालानगर, महराजगंज के विक्रमपुर में पड़ताल की। हाईवे पर कंटेनर और ट्रक 10 फीट तक खड़े मिले।
दो चालक ट्रक के अंदर सोते मिले। कुछ ट्रकों के चालक चाय-नाश्ता के लिए बाहर गए थे। माैके पर नहीं मिले।