कारपेट सिटी में बनने वाले फाइव स्टार होटल की योजना के लिए किसी डेवलपर के आगे नहीं आने से अधर में लटक गई है। भदोही औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) को होटल निर्माण का जिम्मा दिया गया था। बीडा ने तीन-तीन बार होटल बनाने के लिए रूचि की अभिव्यक्ति का प्रकाशन किया, लेकिन किसी ने रूचि नहीं दिखाई। कुछ लोगों ने रुचि दिखाई भी तो जमीन, जमीन की कीमत के आंकलन तक ही सीमित रह गए। बीडा का मानना है कि जब तक भदोही एक्सपो मार्ट साल के 365 दिन गुलजार नहीं होगा, तब तक होटल बनाने को कोई आगे नहीं आएगा।
कारपेट सिटी में भदोही एक्सपो मार्ट के निर्माण के बाद से ही वहां एक पंच सितारा होटल निर्माण के बारे मे सोचा जाने लगा था। इस बीच गत वर्ष अक्तूबर में जब यहां पहला इंडिया कारपेट एक्सपो आयोजित हुआ तो पंच सितारा होटल की कमी खटकने लगी। प्रथम एक्सपो के दौरान सीईपीसी ने विदेश से आने वाले आयातकों को वाराणसी के होटलों में ठहराया और उन्हें फेयर के दौरान भदोही लाने और वाराणसी ले जाने की व्यवस्था की।इस बीच बीडा द्वारा होटल के लिए आरक्षित की गई 33 सौ वर्ग मीटर जमीन वीरान पड़ी हुई है। बीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि पहले भूमि की कीमत 13.50 करोड़ रखी गई थी, लेकिन भूमि की कीमत घटाकर 5.98 कर दी गई है। इसके बाद भी कोई डेवलपर सामने नहीं आ सका है, जबकि हम इसे पीपीपी, पार्टनरशिप अथवा लीज पर भी देने को तैयार हैं। सीईओ ने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया यही लगता है कि मार्ट जब तक 365 दिन गुलजार नहीं होगा, लोग आगे नहीं आएंगे। बताया कि इसे गुलजार करने के लिए सर्वप्रथम मार्ट में बने 94 दुकानों को तत्काल निर्यातकों और व्यापारियों को आवंटित करना होगा, ताकि वहां आवागमन बढ़े और होटल, रेस्त्रां की आवश्यकता महसूस हो।