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फाटक बंद होने के बावजूद जोखिम उठाकर जाते हैं युवक

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सुरियावां रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर बंद गेट के अंदर खड़े साइकिल सवार युवक। संवाद - फोटो : BHADOHI
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सुरियावां। उत्तर रेलवे के विभिन्न गेट पर युवकों की मनमानी किसी समय हादसे का रुप ले सकती है। मंगलवार को सुबह सुरियावां स्टेशन के पूर्वी छोर स्थित बंद गेट के नीचे से आर-पार होकर डाउन ट्रैक पर खड़े दो साइकिल सवार युवकों को देखकर लोगों ने दांतों तले अंगुली दबा ली। लोगों ने कहा कि अप ट्रैक से प्रतापगढ़-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन को आगे बढ़ाने के लिए गेट बंद कराया था। गेटमैन की पुकार को नजरंदाज कर साइकिल सवार गेट के अंदर पहुंच जा रहे हैं। नंदलाल ने कहा कि गर्मी हो या ठंडी और बरसात। रेलवे पुलिस इस तरह की लापरवाहियों को रोकने के लिए कभी दिखाई नहीं पड़ती। जबकि उक्त गेट दुर्गागंज से वाराणसी जाने के लिए मुख्य मार्ग से जुड़ा और 24 घंटे आवागमन जारी रहता है। सिर्फ ट्रेनों के आवागमन करते समय गेट के बंद होने पर कुछ क्षण के लिए लोग रुक पाते हैं। शिक्षक रामकुमार, व्यापारी प्रमोद कुमार ने गेट बंद होने की स्थिति उठाए जा रहे जोखिम पर रोक लगाने की मांग लखनऊ डिविजन के अधिकारियों से की। जनसंपर्क अधिकारी लखनऊ विक्रम सिंह ने बताया कि इस तरह की अनदेखी को रोकने की जिम्मेदारी गेटमैन की होती है। यदि कोई जबरजस्ती कर जोखिम मोल लेता है उसे चिन्हित कर रेलवे पुलिस को सौंपा जाता है।
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