ज्ञानपुर/गोपीगंज। उप्र सूचना आयोग ने आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से मांगी गई सूचना न देने पर उपायुक्त मनरेगा के जनसूचना अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पाल पर 25 हजार का जुर्माना लगाया। आरटीआई कार्यकर्ता मुनीश पांडेय ने अप्रैल 2020 से मार्च 2023 तक मनरेगा के तहत हुए कार्यों का ब्योरा मांगा था। दूसरी तरफ, बीएसए के जनसूचना अधिकारी को आरटीआई से मांगी सूचना न देने पर राज्य सूचना आयोग ने तलब किया है।
आरटीआई कार्यकर्ता मुनीश पांडेय ने बताया कि उन्होंने डीघ ब्लॉक के बेरवांपहाड़पुर गांव में मनरेगा योजना के तहत अप्रैल 2020 से मार्च 2023 तक हुए कार्यों का ब्योरा मांगा गया था लेकिन उपायुक्त मनरेगा के जन सूचना अधिकारी की ओर से यह जानकारी नहीं दी गई और इस संबंध में न ही कोई आदेश दिया गया। सूचना न मिलने पर राज्य सूचना आयोग से इसकी शिकायत दर्ज कराई गई।
इस पर राज्य सूचना आयुक्त प्रमोद कुमार तिवारी ने उपायुक्त मनरेगा के जन सूचना अधिकारी धर्मेन्द्र पाल पर 25 हजार का जुर्माना लगाया। उन्होंने डीपीआरओ को उनके वेतन से जुर्माने की राशि वसूलने का निर्देश दिया। डीपीआरओ ने बताया कि आरटीआई से मांगी गई सूचना न देने पर राज्य सूचना आयुक्त ने उपायुक्त मनरेगा के जन सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाया है। उनके वेतन से यह धनराशि काटी जाएगी।
इसी तरह, गोपीगंज के छोटी चौराहे स्थित कन्या पाठशाला की भूमि पर संचालित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय गोपीगंज के संबंध में वार्ड नंबर 21 के सभासद डॉ. आनंद कुमार गुप्ता ने बीएसए के जन सूचना अधिकारी से जानकारी मांगी थी। सूचना न मिलने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग उत्तर प्रदेश में अपील दर्ज की। जहां राज्य सूचना आयुक्त ने बीएसए के जनसूचना अधिकारी को तलब किया है।