पांच माह से जले ट्रांसफार्मर को नहीं बदले जाने के विरोध में ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को कोइरौना बाजार में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। विवेक पांडेय, नंदलाल, मंटू यादव ने आरोप लगाया है कि आधे कोइरौना बाजार और ग्रामीण क्षेत्र को बिजली आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर लगाया गया है जो पांच माह पहले तकनीकी खराबी के कारण जल गया था। तब से अब तक ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग की जा रही है लेकिन बदलवाने का प्रयास नहीं विभागीय अधिकारी नहीं कर रहे हैं। लगभग पांच सौ परिवार अंधेरे में समय काटने को विवश हैं। पेयजलापूर्ति ठप होने से लोग हैंडपंपों से पानी लेने को विवश हैं। बरसात के समय में हैंडपंपों से भी दूषित पानी निकल रहा है। घनश्याम अग्रहरि, नंदलाल ने कहा कि प्रशासन कोनिया क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित कर तरह-तरह की सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए विभागवार जिम्मेदारी दी गई है लेकिन इसका कोई असर क्षेत्र में देखने को नहीं मिल रहा है। बाढ़ का पानी खिसकने से विद्युत विभाग को जर्जर तार-खंभे बदलने, जल ट्रांसफार्मर को बदलवाकर आपूर्ति व्यवस्था बहाल कराने का सख्त निर्देश है बावजूद इसके विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। तीन दिन में ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया तो डीएम का घेराव भी किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में लल्लू हलवाई, शखाराम, कुट्टू गुप्ता, राधेश्याम, ज्वाला प्रसाद, निशार अहमद, अशोक अग्रहरि, आशीष, राहुल गुप्ता, मारकंडेय पाल, नरेश सरोज, करिया यादव, नन्हें, विजय, मंगल आदि रहे। अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराकर ट्रांसफार्मर को बदलवाया जाएगा।