ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के बैनरतले शुक्रवार को मुख्यालय पहुंच कर पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने अल्पंसख्यकों की सुरक्षा गारंटी सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकारें फासिस्ट ताकतों को तूल देकर अल्पसंख्यकों के साथ जुल्म ढा रही हैं और गरीब परिवारों को आपराधिक प्रवृतत्यियों के दायरे में लाकर उत्पीड़न कराया जा रहा है।
न्याय के नाम पर थाना-चौकी, तहसील का चक्कर कटवाया जा रहा है। कानून व्यवस्था प्रहार करते हुए कहा गया कि सत्ता शासन संभालते ही कानूनराज का दावा भी पूरी तरह से फेल होकर जंगलराज में बदल गया है। देश-प्रदेश का कोई ऐसी जगह नहीं होगी जहां प्रतिदिन 10-20 की हत्या, लूट, छिनैती, उचक्कागिरी की घटनाओं का सामना न करना पड़ रहा हो। विकास पटल को खोखला बताते हुए दावा किया कि आने वाले दिनों में भाजपा को पहचान कायम रख पाना मुश्किल हो जाएगा। किसान हो या बेरोजगार सभी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। शौचालय, आवास, खाद्यान्न, रसोई गैस, पेट्रो पदार्थ की महंगाई और अभाव जन-जन को प्रभावित कर चुका है। सरकार के अधीनस्थ योजनाओं के लूटखसोट में लिप्त होकर अपनी सेहत सुधारने में कमी नहीं छोड़ रहे हैं।
नगर की बात हो या ग्रामीण क्षेत्रों की विकास की पोल खोल चुकी हैं। मांगों में मजदूर बच्चों को उच्च शिक्षा नि:शुल्क हो, अपात्रों के नाम बने राशन कार्ड को जब्त कराने, कानून व्यवस्था को सख्त बनाने, मनरेगा मजदूरों पांच हजार रुपए पेंशन देने, मनरेगा मजदूरी चार सौ से पांच सौ करने, खेत मजदूरों को नि:शुल्क बिजली देने, गरीब परिवारों के नाम भूमि आवंटन करने, गंभीर घटनाओं को रोका जाय सहित 13 सूत्रीय मांगपत्र डीएम को सौंपा। इस मौके पर भुलाल पाल, चंद्रमा बनवासी, रामजीत यादव, राजेंद्र कन्नौजिया, श्यामलाल बिंद, उमाशंकर बिंद, पारसनाथ बिंद, महान चौहान, प्रेम गौतम, अमरावती देवी, सरोजा देवी, महेश कुमार मिश्रा आदि शामिल रहे।