सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन
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रात 10 बजे तक खोजबीन की गई लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। बाद में थाने पहुंचकर नामजद तहरीर दी। आरोप लगाया कि पुलिस ने थाने से वापस कर दिया और 16 मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज की गई। उसके बाद भी कहीं कुछ पता नहीं चला।
श्याम किशोर ने बताया कि शनिवार सुबह सूचना मिली कि घर से करीब 15 किमी दूर ऊंज थाना क्षेत्र में एक युवती का शव मिला है। मौके पर पहुंचे तो शव मेरी बेटी का था। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि यदि नामजद मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को पकड़ा गया होता तो शायद उनकी बेटी जिंदा होती।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताया कि शुक्रवार शाम को ही बोरे में बंधा हुआ शव बरामद किया गया था। जिस युवती का शव है वह गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली है।
घटना के बाद गांव में जुटी भीड़ के बीच युवती की मां ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया। कहा कि 14 मई को बेटी के गायब होने के बाद जब दो दिन तक चौकी पुलिस इधर-उधर करती रही तो वह खुद थाने गई। वहां एसओ से बात हुई तो उन्होंने कहा कि नामजद मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। अज्ञात में होगा।
जब महिला ने कहा कि इन्हीं दोनों पर शक है इसलिए नामजद मुकदमा दर्ज किया जाए तो एसओ ने थप्पड़ मारने की धमकी दी। और कहा उल्टा सीधा करोगी तो तुम्हारे खिलाफ भी मुकदमा हो जाएगा। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने कहा कि परिवार के लोग क्या आरोप लगा रहे हैं यह नहीं पता है, लेकिन उस दिन मुकदमा दर्ज किया गया था। डांटने या भगाने का आरोप गलत है।
युवती की हत्या के मामले को लेकर सड़क जाम करने वाले करीब दो घंटे तक सड़क पर डटे रहे। इस दौरान पुलिस के खिलाफ नारे भी लगाए। शाम करीब साढ़े दह बजे एसडीएम ज्ञानपुर योगेंद्र कुमार और सीओ ज्ञानपुर भुवनेश्वर पांडेय ने परिवार के लोगों को आश्वासन दिया कि हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि पुलिस की भूमिका संदिग्ध मिलती है या लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई होगी। दोनों अधिकारियों के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ।