स्टेशन रोड मुल्ला तालाब स्थित जीवन प्रतिमा क्लीनिक के दूसरे तल पर शनिवार की सुबह 10वीं की छात्रा का फंदे से लटकता शव पाया गया। जिस कक्ष में छात्रा का शव मिला, वह उसी में वह अपनी नर्स मां और दो बहनों के साथ रहती थी। मौत किस वजह से हुई, इसे लेकर जांच में जुटी पुलिस देर रात तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी।
भदोही के डुड़वा कुकरौठी निवासिनी सुमित्रा देवी स्टेशन रोड स्थित क्लीनिक में नर्स के रूप में सात वर्ष से काम कर रही हैं। वह उसी क्लीनिक वाले भवन में ही दूसरे तल पर अपनी तीन बेटियों के साथ रहती हैं। जबकि, पति उदय शंकर सरोज मुंबई में काम करते हैं। तीनों पुत्रियों का दाखिला भदोही नगर के ज्ञानदेवी बालिका इंटर कॉलेज में कराया गया था। दूसरे नंबर की खुशी 10वीं की छात्रा थी। शनिवार की सुबह उसके कमरे से रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जुट गए। अंदर जाकर देखा तो खुशी का शव फंदे से लटक रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक छात्रा के पैर फर्श से लगे हुए थे। जान गंवाने वाली छात्री खुशी की बहन राधिका ने बताया कि शुक्रवार शाम को खाना खाने के बाद वह नीचे के कमरे में चली गई थी। उसकी बहन खुशी ऊपर के कमरे में ही पढ़ रही थी। सुबह जब विद्यालय जाने के लिए उसे बुलाने गई तो उसने दरवाजा नहीं खोला। खिड़की से देखा तो वह फंदे से लटक रही थी। छात्रा की मौत की जानकारी मिलने के बाद सीओ अजय कुमार चौहान और कोतवाल एके त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। सीओ अजय सिंह चौहान ने बताया कि परिवार की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। उसकी मां सात साल से क्लीनिक में नर्स के रूप में कार्यरत है। क्लीनिक आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. जेपी मौर्य का है। चिकित्सक महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय (एमबीएस) अस्पताल में संविदा पर कार्यरत हैं। छात्रा के शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं मिले हैं। छात्रा की मां सुमित्रा देवी और उसकी दोनों छोटी बहनों राधिका व समृद्धि बेसुध पड़ी रहीं । पुलिस ने घटना की सूचना मुंबई में रह रहे पिता को दे दी है।