ज्ञानपुर। प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे एक लाख 72 हजार छात्रों के यूनिफार्म और जूता, मोजा व बैग का पैसा खाते में पहुंच गया है, लेकिन अब तक एक भी छात्र-छात्रा की फोटो प्रधानाध्यापक प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड नहीं कर सके हैं। इससे डीबीटी की रकम कहां खर्च हुई यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। लापरवाही के कारण गुजरे सत्र में भी एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं की फोटो अपलोड नहीं हो सकी थी। जिले के 892 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय में एक लाख 95 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को सरकार दो जोड़ी ड्रेस, एक स्वेटर, एक जूता, दो जोड़ी मोजे और एक बैग उपलब्ध कराती है। तीन चरणों में एक लाख 72 हजार से अधिक बच्चों के अभिभावकों के खाते में रकम डीबीटी कर दी गई। ठंड शुरू हो चुकी है, लेकिन अब भी स्कूलों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बिना यूनिफार्म के ही पहुंच रहे हैं। अभिभावकों के खाते में भेजी गई धनराशि का उपयोग उनकी यूनिफार्म पर हुआ कि नहीं, इसकी निगरानी के लिए शासन के निर्देश पर प्रधानाध्यापकों को उनकी फोटो अपलोड करनी थी, लेकिन अभी तक एक भी छात्र-छात्रा की फोटो अपलोड नहीं हो सकी है। इससे डीबीटी की गई रकम कहां खर्च हुई है यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। पूर्व में सारी चीजें बच्चों को विद्यालय की प्रबंध समिति की ओर से उपलब्ध कराई जाती थी। वितरण में मनमानी की शिकायतों को देखते हुए सत्र 2021-22 में शासन ने इसकी धनराशि प्रति छात्र 1200 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से अभिभावकों के खाते में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी। ताकि अभिभावक बच्चों की नाप का यूनिफार्म तैयार करा सकें और जूता-मोजा व बैग खरीद सकें। खाते में भेजी गई धनराशि के संबंध में लिए गए फीडबैक में शासन के संज्ञान में आया कि अधिकतर अभिभावकों ने धनराशि का उपयोग अन्य खर्च में कर लिया। लिहाजा बच्चों के यूनिफार्म तैयार नहीं हो सके। बच्चे बगैर यूनिफार्म व जूता-मोजा के ही विद्यालय पहुंच रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि अभी तक वेबसाइट खुली नहीं है। चौथे चरण में वंचित छात्र-छात्राओं का पैसा जाने के बाद फोटो अपलोड की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानाध्यापकों को इसके लिए निर्देश दिया जा चुका है।
22 हजार छात्र-छात्राओं की होगी डीबीटी
ज्ञानपुर। यूनिफार्म, बैग और स्वेटर की रकम अब भी 22 हजार छात्र-छात्राओं को नहीं मिल सकी है। विभाग की ओर से चौथे चरण में यह रकम भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि गुुलाबी ठंड शुरू हो चुकी है। 15 नवंबर तक यह धनराशि अभिभावकों के खाते में भेजी जाएगी।