जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिले में बुधवार को 445 एमटी डीएपी की खेप पहुंच चुकी है। एक से दो दिन के भीतर समितियों पर डीएपी पहुंचा दिया जाएगा। गेहूं बोआई के सीजन में समितियों पर डीएपी पहुंचने से किसानों को भागदौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
जिले में बीते कुछ दिनों से बफर गोदाम और समितियों के गोदामों में डीएपी की किल्लत बनी थी। इस कारण गेहूं बोआई की तैयारियों में जुटे किसान परेशान थे। डीएपी की आस में समितियों पर पहुंचने वाले किसानों को वापस लौटना पड़ रहा था। इसे लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
जिले में 52 सहकारी समितियों में इस समय 49 सहकारी समितियां सक्रिय हैं। जहां से किसानों को उर्वरक का वितरण किया जा रहा है। जिले में इस साल कुल 5044 एमटी डीएपी वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें सहकारिता विभाग को 3065 एमटी और प्राइवेट का 1979 एमटी है।
विभाग का दावा है कि नवंबर माह के तय लक्ष्य 2730 एमटी के सापेक्ष विभाग के पास 3037 एमटी डीएपी की उपलब्धता है। हालांकि कई सेंटरों पर लगातार डीएपी की कमी को देखते हुए विभाग ने मिर्जापुर के कोरो मंडल प्राइवेट रैक से 45 एमटी और आईपीएल कंपनी से 400 एमपी डीएपी मंगाया है।
इसे एक से दो दिन के भीतर समितियों पर पहुंचा दिया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में कुल 445 एमटी डीएपी की रैक मंगाई गई है। जिसे एक से दो दिन के भीतर समितियों पर पहुंचाकर किसानों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।