ज्ञानपुर। जिले में राजकीय नलकूपों से जुड़ी नालियों की अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। गेहूं की कटाई-मड़ाई होने के बाद खेत खाली पड़े हैं। ऐसे में किसान नालियों की मरम्मत की मांग कर रहे हैं। किसानों की मांग को देखते हुए नलकूप विभाग ने तीनों तहसीलों के 31 नलकूपों को चिह्नित कर दो हजार मीटर क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत के लिए 93 लाख की कार्ययोजना तैयार की है। जिसमें प्रति नलकूप के 500 मीटर नालियों के मरम्मत पर तीन लाख रुपये खर्च होंगे।
नलकूप विभाग ने 40 साल पहले जिले की तीनों तहसीलों में 520 राजकीय नलकूपों की स्थापना कराई थी। जिससे जिले के 546 ग्राम पंचायतों के 50 हजार से अधिक लघु एवं सीमांत किसानों के खेतों की सिंचाई होती थी। जिले में किसान रबी, खरीफ के मौसम में 95 किमी मुख्य नहर प्रखंड, पांच किमी तक 12 राजवाहा, माइनर से सिंचाई करते हैं। दूसरी तरफ तकनीकी संसाधनों से युक्त राजकीय नलकूप नाली क्षतिग्रस्त होने के कारण शोपीस बने हुए हैं।
बीते वित्तीय वर्ष के शुरुआती दौर में ही प्रादेशिक 66 सौ परियोजना से कई चरणों में क्षतिग्रस्त नालियों के नवीनीकरण को हरी झंडी मिल सकी। अधिशासी अभियंता सिंचाई-नलकूप राजेश भारतीय ने बताया कि प्रथम चरण में वित्तीय वर्ष 2022-23 में एक करोड़ से 44 नलकूपों की नालियों की मरम्मत हो चुकी है। दूसरे चरण की कार्य योजना में 31 नलकूपों को चिह्नित किया गया है। निकाय चुनाव समाप्त होते ही मरम्मत के लिए बजट भी प्राप्त हो जाएगा। जिससे क्षतिग्रस्त नालियों के नवीनीकरण का कार्य आरंभ हो सकेगा।