सुरियावां। लोक आस्था का महापर्व डाला छठ मंगलवार से शुरू हो जाएगा। इस महापर्व को लेकर विभिन्न सामाजिक संस्था के लोगों ने सरोवरों के किनारे सफाई शुरू कर दी है। वहीं, जिम्मेदारों की तंद्रा नहीं टूटी है। सुरियावां नगर पंचायत क्षेत्र में 52 बीघा तालाब पर हजारों व्रती महिलाएं सूर्य को अर्घ्य देने आती हैं। तालाब तट की जर्जर सीढि़यों की मरम्मत नहीं कराई गई है। तालाब जाने वाले मार्ग भी खस्ताहाल है। लाइट की व्यवस्था और बैरिकेडिंग भी नहीं हुई है। डाला छठ पर सुरियावां के 52 बीघा तालाब किनारे सैकड़ों व्रती महिलाएं नंगे पाव या दंडवत करते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचती हैं। व्रती महिलाओं के साथ उनके परिवार के लोग सिर पर प्रसाद की टोकरी रखकर नंगे पांव ही घाट पर जाते हैं। तालाब जाने वाले रास्ते खस्ताहाल है। घाट की जर्जर सीढि़यों की मरम्मत नहीं हुई। ऐसे में व्रती महिलाओं को जर्जर सीढि़यों पर खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देना होगा। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से तालाब की सफाई सीढि़यों और मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की है। ईओ सुजीत कुमार ने कहा कि महापर्व से पहले ही तालाब की सफाई कराई जाएगी। तालाब की जर्जर सीढि़यों की मरम्मत के लिए जल्द ही बैठक कर प्रस्ताव बनाया जाएगा। तालाब जाने वाले रास्ते की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। उधर ज्ञानपुर में जय बाबा बर्फानी ग्रुप के लोगों और नगर पंचायत कर्मियों ने हरिहरनाथ मंदिर ज्ञान सरोवर घाट पर सफाई की। इस मौके पर सभासद राकेश यादव, बल्ले रावत, राजेंद्र सरोज, संतोष गुप्ता, लट्टू रावत, विशाल सिंह मौजूद रहे।