ज्ञानपुर। चार दिवसीय महापर्व डाला छठ पांच नवंबर से शुरू हो जाएगा। जिले में श्रद्धालुओं ने डाला छठ की तैयारी शुरू कर दी है। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से ज्ञान सरोवर की सीढी की मरम्मत और रंग-रोगन कार्य करा जा रहा है। वहीं, अभी तक गंगा घाटों की सफाई नहीं हुई है। घाटों पर कीचड़ और सील्ट जमा है। व्यापारी नेता श्रीकांत जायसवाल ने प्रशासन से रामपुर, सीतामढ़ी समेत अन्य गंगा घाटों पर सफाई कराने की मांग की है।
बिहार में मनाए जाने वाला लोकआस्था का महापर्व डाला छठ कुछ वर्षों से भदोही में भी बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है। यही वजह है कि जिले के गंगा घाटों और तालाबों पर डाला छठ पर सूर्योपासना के लिए आस्थावानों की भीड़ उमड़ती है। चार दिवसीय महापर्व आठ नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। डाला छठ की शुरुआत नहाया-खाय से होती है। इसके बाद दूसरे दिन खरना होता है। तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन सूर्योदय होते समय सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत को पूरा किया जाता है। दीपावली के बाद श्रद्धालु छठ पूजा की तैयारी में जुट गए हैं। छठ पर्व पर जिले के रामपुर, सीतामढ़ी, भोगांव गंगा घाटों के साथ ही ज्ञान सरोवर ज्ञानपुर पर आस्थावानों की भीड़ उमड़ती है। अधिशासी अधिकारी राजेंद्र दूबे ने कहा कि महापर्व के मद्देनजर ज्ञान सरोवर की सीढि़यों की मरम्मत कराई जा रही है। सरोवर के किनारे रंग-रोगन भी कराया जा रहा है।