ज्ञानपुर। परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधकों को सिटी बस चलाने की अतिरिक्त जिम्मेदारी पर अभी से ग्रहण लगना शुरू हो गया है। ग्रामीण डिपो वाराणसी और सिविल लाइंस प्रयागराज से दिन-रात फेरा लगा रहीं सौ से अधिक डग्गामार बसें कब किस जगह जवाब दे दें कुछ नहीं कहा जा सकता। बृहस्पतिवार को वाराणसी डिपो की एक मिनी बस अंडरपास ब्रिज जंगीगंज पर चढ़ते समय तकनीकी खराबी से खड़ी हो गई चालक-परिचालक ने बस को चालू करने का काफी प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। न चाहकर 70 से अधिक यात्रियों का किराया वापस कर दूसरी बसों में ओवर स्टैंडिंग कराकर भेजा गया।
मंडुआडीह से झूंसी, सैदाबाद, हंडिया, बरौत, दारागंज, वहिदानगर आदि स्थानों की यात्रा कर रहे प्रवीण कुमार, उर्मिला देवी, सविता देवी, उर्मिला देवी, कल्पना सिंह ने आरोप लगाया कि डिपो से दो-चार यात्रियों को लेकर चलने वाली बस आगे ओवरलोड होकर ही बढ़ती हैं। इससे खराब हो जाती हैं। बावजूद इसके अधिकारी ध्यान नहीं देते। सरकारी बस से यात्रा करना अब भारी पड़ने लगा है। दो सप्ताह पहले नटवां, अमवां, गोपीगंज, महाराजगंज, ऊंज सीमा पर बसें खराब हुईं थीं। डिपो से चलते समय बिना तकनीकी जांच के बसें चलती हैं तो इसके लिए भी किसी की जिम्मेदारी तय नहीं है। एआरएम वाराणसी ओपी ओझा ने कहा कि इस तरह की शिकायतों पर कुछ डग्गामार बसों को डिपो से हटाया गया है। यात्रियों की यात्रा में बाधा न आने को लेकर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।