चकवा मेला में जलेबी बनाता दुकानदार। संवाद
ज्ञानपुर। बुढ़वा मंगल पर मंगलवार को चकवा महाबीर समेत जिले के हनुमान मंदिरों पर दर्शन-पूजन के लिए भीड़ उमड़ी। कई मंदिरों पर मेले का आयोजन भी किया गया। ज्ञानपुर से लगे पांडवकालीन चकवा महावीर धाम पर बुढ़वा मंगल पर आयोजित मेले में भीड़ उमड़ी। इससे पूर्व, सुबह से ही मंदिरों पर दर्शन-पूजन करने वालों की कतार लग गई थी। खमरिया के नटवा वीर, मोढ़ के धनुष यज्ञ की बारी और गोपीगंज में भी मेले का आयोजन किया गया।
सावन के अंतिम मंगलवार को बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है। इस दिन परंपरागत ढंग से दर्शन-पूजन के बाद मेले का आयोजन किया जाता है। चकवा महावीर धाम पर आयोजित मेले में सुबह सात बजे से ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। सर्कस, झूला और जादूगर के अलावा मिठाई और खेल-खिलौनों की दुकानों पर भीड़ रही। सुबह मंदिर में हनुमान जी के दर्शन के बाद ही लोग मेला भ्रमण करने लगे। मेले में महिलाओं और बच्चों की भीड़ काफी ज्यादा दिखी। बारिश के बावजूद लोगों का उत्साह डिगा नहीं और पूरे दिन मेले में लोगों का आवागमन बना रहा। हालांकि बारिश के चलते मेला क्षेत्र में कीचड़ फैल गया था, लेकिन इसके बाद भी लोग मेला देखने के लिए पहुंचते रहे। चकवा मेला के निमित्त स्थानीय अवकाश घोषित होने के कारण जिलेभर से लोग मेला देखने पहुंचे थे। इस दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। मंदिर में दर्शन कराने से लेकर मेले में भीड़ को नियंत्रित करने तक के कार्य के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहे। महिला पुलिस भी मेले में चक्रमण करती रही। डीएम शैलेश कुमार, एसपी अभिनव त्यागी, एडीएम शुभांगी शुक्ला, एएसपी शुभम अग्रवाल, एसडीएम अरुण दीक्षित संग अन्य अफसरों ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्था देखी। डीएम-एसपी ने मंदिर के समीप स्थित तालाब में मछलियों का दाना खिलाया और लोगों से संवाद किया। नटवा महावीर धाम पर मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मेला देखने पहुंचे थे। बुढ़वा मंगल पर इमिलिया हनुमान मंदिर पर पवन सुत हनुमान का रंग बिरंगे सुगंधित पुष्पों से भव्य शृंगार किया गया। गोपीगंज नगर स्थित बरगदा हनुमान मंदिर, संकट मोचन और हनुमान गढ़ी स्थित मंदिर पर भी पवन सुत का शृंगार किया गया। मोढ़ के धनुष यज्ञ की बारी में बुढ़वा मंगल का मेला लगा। महिलाएं और बच्चों ने मेले का खूब आनंद लिया। इसके बाद, राम-जानकी, भगवान शिव और दुर्गा जी के मंदिर पर लोगों ने मत्था टेक आशीर्वाद लिया। कस्तूरीपुर हनुमान मंदिर पर हर वर्ष सावन के अंतिम मंगलवार को लगने वाला बुढ़वा मंगल मेला चर्चित है। सुबह से ही यहां महिलाएं पूड़ी, हलवा, रोट चढ़ाने लगीं। जंगीगंज के किशुनदेवपुर स्थित जीटी रोड किनारे महावीर मंदिर परिसर में मेले का आयोजन हुआ। भोर से ही मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी, जो दिनभर लगातार बनी रही। श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और बजरंगबली का दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। बेरासपुर स्थित बाबा बेरासनाथ मंदिर, कौलापुर के पांडवानाथ मंदिर और बिहरोजपुर स्थित हनुमान मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
रात की बारिश के बाद भी आस्थावान उमड़े
सोमवार की रात में झमाझम बारिश ने मेला स्थल को गीला कर दिया, हालांकि मंगलवार को मौसम सही होने से इक्का-दुक्का स्थानों पर ही कीचड़ दिखा। दोपहर बाद से मेले में लोगों की भीड़ उमड़ी। मेले में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक देखी गई। जलेबी, कचौड़ी और चाट का महिलाओं ने आनंद लिया।