जब तक आस पास के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जाता तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
बाजार सरदार खां निवासी मोहसिन कमाल नेशनल इंटर कालेज के पास किराए के कारखाने में कालीन निर्माण का काम कराते हैं। रविवार को रोज की तरह जब वे अपने घर पर सो रहे थे तभी किसी ने सूचना दी कि उनके कारखाने में आग लग गई है। इतना सुनते ही उनके होश उड़ गए और फौरन बाइक से कारखाने पहुंचे तो देखा कि काफी भीड़ जमा थी। कारखाने में ताले के चलते लोग आग बुझाने का कार्य शुरू नहीं कर सके थे। ताला खुलने के बाद लोगों ने एक घंटे की अथक मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। उनके कारखाने में चार लूमों पर कालीन बुनाई हो रहा था जो पूरी तरह जल कर राख हो गए। वहीं रखी ऊनी धागा भी जल कर खत्म हो गया।कारखाना मालिक ने बताया की कारखाने से सटा ही बड़ा गोदाम साफ बच गया अन्यथा उसमें भारी मात्रा में ऊनी धागा रखा था। बताया कि गोदाम के बाहर चार लूमों पर जो कालीन बुनाई के लिए लगे थे वे और कुछ कीमती धागा का नुकसान हुआ है जिसकी कीमत एक लाख रुपये होगी। आग कैसे लही यह वहां कोई नहीं बता सका। कारखाना मालिक ने कहा कि सुबह सात बजे जब बिजली आई तो अचानक कंपनी में लगे ट्रांसफार्मर के तार आपस में सट गये और सार्ट सर्किट होने से तारो से चिंगारी निकल कर बुनाई के लिए रखे ऊनी धागे को अपने चपेट में ले लिया। घटना के समय वहां किसी ने नहीं होने से जब बाहर के लोगों ने धूआं देखा तब लोग सकते में आ गये और कंपनी की ओर भागे। कारखाना स्वामी ने त्वरित मदद पहुंचाने के लिए पड़ोसियों का आभार जताया।