घटना के मुताबिक भदोही थानाक्षेत्र के एक गांव की तेरह वर्षीय नाबालिग बालिका ने आरोप लगाया था कि वह 19 अगस्त 2011 को सब्जी लेने के लिए सर्रोई बाजार जा रही थी। सब्जी लेकर वापस आते समय उसके मोहल्ले का वीरू पुत्र वायरे आलम मिला और बातचीत करने लगा। उसके बाद अपनी दुकान के पीछे ले गया। उसके साथ वहां पर जबरिया गलत काम किया। बालिका उस समय कक्षा सातवीं की छात्रा थी।
इस मामले की शिकायत अपने मां से की। घर वालों ने डरवश एफआईआर दर्ज नहीं कराया। एक सप्ताह बाद जानकारी होने पर नाबालिग के चाचा ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराया था। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों के दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश संजय शंकर पांडेय ने आरोपी वीरू को सात साल का कठोर कारावास और दस हजार का अर्थदंड सुनाया।