एडीजे द्वितीय एससीएसटी कोर्ट अंगद प्रसाद की अदालत ने सोमवार को तेजाब फेंककर जलाने के दोषी को 10 साल का सश्रम कारावास और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। एक साल पुराने मामले में यह फैसला सोमवार को आया है।
सुरियावां के बिहियापुर में एक जून 2015 को पंचूराम सरोज के घर बारात आई थी। बारातियों के लिए आर्केस्ट्रा की व्यवस्था की गई थी। रमाशंकर सरोज का लड़के प्रेमप्रकाश और लवकुश भी आर्केस्ट्रा देखने गए थे। वहां पर पड़ोसी चंदन कौशल भी मौजूद था। नाच-गाने के दौरान प्रेमप्रकाश और चंदन कौशल में विवाद हो गया। उसी दौरान चंदन ने प्रेमप्रकाश को जान से मारने की धमकी देने के साथ जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था।
दूसरे दिन दो जून को शाम पांच बजे चंदन कौशल अपने भाई मन्नन कौशल के साथ प्रेमप्रकाश के घर पहुंचा और गाली गलौज देने के साथ ही घर के सदस्यों पर तेजाब फेंक दिया। इसमें रमाशंकर सरोज, प्रेमप्रकाश और रमाशंकर की भतीजी गंभीर रूप से झुलस गए थे। पुलिस ने आरोपी चंदन और मन्नन कौशल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 326क, 504/34 और दलित उत्पीड़न की धारा 3 (2) 5 के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामले में कुछ गवाह बयान से मुकर गए।
न्यायाधीश अंगद प्रसाद ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी चंदन कौशल को 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से पैरवी विनोद कुमार सिंह ने की। इस दौरान अदालत में खासी भीड़ रही।