बसपा नेता एवं पूर्व ज्ञानपुर विधानसभा प्रत्याशी राजेश यादव की इलाहाबाद में हत्या की खबर सुनकर जिले में भी विरोध शुरू हो गया। परशुरामपुर के ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार पर माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए नथईपुर-ज्ञानपुर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया।
इलाहाबाद में सपरिवार रहने वाले बसपा नेता राजेश यादव की देर रात हत्या हो गई। मंगलवार को भोर से ही घटना को लेकर लोगों के फोन की घंटियां घनघनाने लगीं। सुबह करीब 11 बजे घटना से नाराज परशुरामपुर के ग्रामीणों ने नथईपुर-ज्ञानपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। इससे दोनों तरफ वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। ग्रामीण सुरेश कुमार ने कहा कि योगी सरकार में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। अपराधी बेलगाम हो गए हैं, जब चाह रहे हैं लोगों की हत्या कर दे रहे हैं। राजेश यादव की हत्या जानबूझकर कराने का आरोप लगाया। जाम की खबर लगते ही कोतवाली प्रभारी अजय सिंह मयफोर्स मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। इस मौके पर रमेश, राजेश, रविशंकर, धीरज, शिवम, नागेंद्र, विजय, पंचम, आदर्श, शैलेंद्र, रोहित समेत कई लोग रहे।