ज्ञानपुर (भदोही)।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में जेल की हवा खा चुके पूर्व उच्च शिक्षामंत्री राकेशधर त्रिपाठी के जनसंपर्क अधिकारी रहे रुद्रमणि मिश्र की मुश्किलें भी बढ़ गई है। 17 अगस्त को हंडिया थाने में विजिलेंस टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान सात लाख से अधिक संपत्ति का वह ब्यौरा नहीं दे सके।
ज्ञानपुर के सिंहपुर निवासी एवं केएनपीजी के पूर्व छात्रनेता एवं अधिवक्ता जेपी पांडेय ने वर्ष 2013 में उच्च शिक्षामंत्री राकेेशधर त्रिपाठी और उनके पीआरओ रुद्रमणि मिश्र के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की शिकायत की थी। विजिलेंस टीम ने शुरुआत में पूर्व मंत्री की जांच की। आय से अधिक संपत्ति मिलने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और उन्हें जेल जाना पड़ा। कुछ माह पूर्व वह जमानत मिलने पर बाहर आए। वर्तमान समय में उनका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। तीन साल की जांच के बाद विजिलेंस टीम अब पूर्व मंत्री के पीआरओ रहे रुद्रमणि मिश्र के खिलाफ बृहस्पतिवार को हंडिया थाने में भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज होने के साथ ही पीआरओ की मुश्किलें भी बढ़ गई है। सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक ज्ञानेंद्र शुक्ला की ओर से हंडिया थाने में केस दर्ज कराया गया। इसमें कहा है कि यह थाना हंडिया के गांव बद्दू के पुरा में रहते हैं। इनको लोक सेवक के रूप में तैनाती के दौरान सरकार की ओर से वेतन और भत्ते में 13 लाख 56 हजार 446 रुपये मिले थे। जबकि जांच के दौरान 21 लाख 10 हजार रुपये खर्च करने की पुष्टि हुई। जांच के दौरान करीब साढ़े सात लाख का हिसाब-किताब नहीं मिल सका।