ज्ञानपुर। योजनाओं को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार भले ही तमाम व्यवस्था प्रभावी कर रही है, लेकिन कोटेदार इसकी भी काट ढूंढ़ रहे हैं। ऑनलाईन अनाज वितरण व्यवस्था भी फेल होती नजर आ रही है। औराई तहसील क्षेत्र के डोमनपुर गांव में 260 क्विंटल अनाज घोटाले का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा होने पर एसडीएम ने दुकान को निलंबित कर कोटेदार को नोटिस जारी किया। कोटेदार पर विधिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
डोमनपुर गांव निवासी जिला पंचायत सदस्य अनीशा देवी ने शपथ पत्र देकर जबकि ग्रामीण मुकेश कुमार बिंद, बिंदू देवी, निशा देवी और चमेलिया ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज की थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि कोटेदार अनीता यादव पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्ड धारकों को तय यूनिट के हिसाब से अनाज नहीं देतीं। साथ ही फर्जी नामों पर अनाज की कालाबाजारी की जाती है।
डीएम के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक औराई ने जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि करीब 10 महीने से 30 से अधिक ऐसे लोगों के अनाज का उठान किया गया जो गांव में रहते ही नहीं है। इसमें रईशा बेगम, नसरा खातून, शबानूर बेगम, सुशील कुमार तिवारी समेत अन्य रहे। सभी को हर महीने 525 यूनिट (26.25 क्विंटल) अनाज वितरित हुआ, जबकि हकीकत में इनके नाम पर उठने वाला अनाज बाजारों में बेचा गया। गांव में नेट सूची के बजाए मनमानी ढंग से अनाज का वितरण किया गया। कई लाभार्थियों को पांच से आठ यूनिट के बजाए एक या दो यूनिट ही अनाज दिया गया। 10 महीने में करीब 260 क्विंटल से अधिक अनाज का घोटाला हुुआ। पूर्ति निरीक्षक की जांच रिपोर्ट पर एसडीएम औराई अभय कुमार पांडेय ने डोमनपुर की कोटे की दुकान को निलंबित करते हुए उसे कोइलरा से अटैच किया गया। एसडीएम ने कोटेदार को नोटिस भेजकर 12 दिन के अंदर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। एसडीएम ने कहा कि मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी।